पिथौरागढ़। पहले ही बसों की भारी कमी झेल रहे पिथौरागढ़ डिपो को निगम ने मुश्किल में डाल दिया है। निगम निदेशालय से मिले एक आदेश ने डिपो के साथ ही जिले के यात्रियों की दिक्कत बढ़ाने का काम किया है। ऐसा इसलिए कि पिथौरागढ़ डिपो के नाम से आईं नई बसों को अब लोहाघाट भेजने की तैयारी है। निदेशालय के इस आदेश से आक्रोश पनपने लगा है और इस पर सवाल भी उठने शुरू हो गए हैं।
पिथौरागढ़ डिपो के बेड़े में 64 बसें शामिल हैं। इनमें से सड़कों पर दौड़ रहीं 25 बसें अपनी उम्र पार कर चुकी हैं जो आए दिन यात्रियों और डिपो को धोखा दे रही हैं। इस वर्ष की शुरुआत में बमुश्किल डिपो को छह नई बसें मिलीं। अब दो बसों को लोहाघाट भेजने का आदेश निदेशालय से जारी हुआ है। हैरानी की बात है कि निगम निदेशालय से आवंटित इन बसों पर साफ तौर पर पिथौरागढ़ डिपो अंकित है। नई बसों में से तीन को पिथौरागढ़-दन्या-दिल्ली रूट पर संचालित किया जा रहा है जबकि शेष को डीडीहाट-देहरादून रूट पर संचालित करना था।
अब निगम के अधिकारी इनमें से दो बसों को लोहाघाट डिपो को आवंटित होने की बात कर रहे हैं। निदेशालय के इस आदेश पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं और इसका विरोध भी शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि पिथौरागढ़ में जरूरत के बावजूद नई बसों को वापस लिया जाना पहाड़ विरोधी कदम है। अपनी कमियां छुपाने के लिए यह सारी कवायद की जा रही है। दूसरी ओर जो बसें कहीं नहीं चल रहीं उन्हें यहां भेज दिया जा रहा है।
जनप्रतिनिधि बोले
पिथौरागढ़ डिपो को मिली बसों को यहीं से संचालित किया जाना चाहिए। यह आपत्तिजनक है कि यहां से बसों को दूसरी जगह भेजा जा रहा है। इस पर अधिकारियों के साथ ही सरकार के समक्ष भी बात रखी जाएगी। डीडीहाट की हर न्याय पंचायत को रोडवेज सेवा से जोड़ा जाना चाहिए। - बिशन सिंह चुफाल, विधायक, डीडीहाट
बस सेवा के लिए पहले से परेशान पिथौरागढ़ के लोगों के साथ यह अन्याय है। सीमांत जिले के हर कोने तक नियमित बस सेवा की जरूरत है। अधिकारियों से बात की जाएगी। निगम के इस कदम के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। - मयूख महर, विधायक, पिथौरागढ़
कोट
दो बसों को लोहाघाट के लिए भेजा गया था। चालकों ने गलती से इन्हें पिथौरागढ़ पहुंचा दिया। ऐसे में इन्हें वापस लोहाघाट भेजा जा रहा है। दो बसें पिथौरागढ़ और दो टनकपुर के लिए आवंटित हुईंं थीं। - आलोक कुमार बनवाल, आरएम, टनकपुर