झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल के गृहमंत्री रामबहादुर थापा ने शुक्रवार को सीमा क्षेत्र का निरीक्षण कर छांगरु में सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) के भवन की आधारशिला रखी। उनके साथ सरकार का 11 सदस्यीय दल भी था।
सीमा विवाद के बाद पहली बार नेपाल के गृहमंत्री रामबहादुर थापा उच्चस्तरीय दल के साथ शुक्रवार दोपहर 12:10 बजे सेना के हेलीकॉप्टर से खलंगा पहुंचे। 20 मिनट सेना के बैरक में आराम करने के बाद दल छांगरु पहुंचा। वहां उन्होंने क्षेत्र का निरीक्षण कर एपीएफ के अधिकारियों से सीमा की जानकारी ली। छांगरु क्षेत्र कालापानी से 12 किमी की दूरी पर है। यहां उन्होंने 10 करोड़ की लागत से बन रहे भवन की आधारशिला रखी। थापा शुक्रवार रात्रि विश्राम के बाद शनिवार सुबह काठमांडो लौटेंगे। उनके साथ गृहसचिव महेश्वर नुपाने, एपीएफ के आईजीपी शैलेंद्र खनाल, राजनीतिक सलाहकार इंद्रजीत राय, एआईजी रामशरण पौडेल, सांसद गणेश सिंह ठगुन्ना, सेना सहायक राठी पवन राज घिमिरे, उरेड़ा कार्यकारी निदेशक मधुसूदन अधिकारी आदि मौजूद रहे।
छांगरु में एपीएफ के डीएसपी सहित 160 जवान तैनात
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। इससे पहले दार्चुला के खलंगा में एपीएफ की कंपनी थी। सीमा विवाद के बाद जुलाई में नेपाल के मंत्रिमंडल ने यहां हेडक्वार्टर (गण) बनाया। इसके तहत खलंगा में सात सौ जवान हैं। छांगरु में कंपनी (गुल्म) बना दी है। कंपनी बनने के बाद यहां एपीएफ के डीएसपी सहित 160 जवान तैनात हैं।