नेपाल को कई तरह की मदद देकर चीन उसे पूरी तरह प्रभावित कर रहा है। वह हर जगह से भारत विरोधी माहौल को तैयार करने में लगा हुआ है। नेपाल भी ड्रैगन के चंगुल में फंसता जा रहा है। ताजा मामले में चीन ने नेपाल को अपने बंदरगाहों और भूमि मार्गों का प्रयोग करने की अनुमति दे दी है। जल्द नेपाल पांच हजार मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक चीन से लाने जा रहा है।
लॉकडाउन के समय भारतीय सीमाएं सील होने का फायदा चीन नेपाल को पहुंचा रहा है। इस बहाने उसने नेपाल के कई हिस्सों पर कब्जा भी कर लिया है। नेपाल में सड़कों और हवाई सेवाओं के क्षेत्र में आधारभूत संरचना का विकास कर रहा है।
नेपाल लिपुलेख सड़क निर्माण के बहाने भारत से संबंध खराब कर चीन से हित साधनों में लगा है। बताया जा रहा है कि अब चीन ने नेपाल को अपने बंदरगाहों का उपयोग करने की अनुमति दे दी है। पहली बार नेपाल चीनी बंदरगाहों से खाद आयात कर रहा है। नेपाल ने जमीन के रास्ते टटोपानी और केरुंग बॉर्डर क्राॅसिंग से खाद का आयात शुरू कर दिया है।
कृषि सामग्री लिमिटेड कंपनी के प्रबंध निदेशक नेत्र बहादुर भंडारी ने बताया नेपाल में खेती के लिए भारी मात्रा में डीएपी रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता होती हैं। पहले नेपाल उर्वरक निजी कंपनियों के माध्यम से भारत से आयात करता था। इस बार खाद को पहली बार चीन से मंगाया जा रहा है।