काठमांडू और नेपाल के अन्य भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीयों को लाने का काम चंपावत प्रशासन ने शुरू कर दिया है। यहां से गई उत्तराखंड रोडवेज की 25 बसों में उत्तराखंड के अलावा उप्र, बिहार, उड़ीसा और बंगाल के लोगों को लाया जा रहा है। ये लोग रक्सौल बार्डर के रास्ते लाए जा रहे हैं। इनके काठमांडू से बृहस्पतिवार शाम तक पहुंचने की उम्मीद है।
चंपावत जिले से एसडीएम नरेश दुर्गापाल के नेतृत्व में 27 अप्रैल को एक टीम बनबसा से काठमांडू को रवाना हुई थी। रोडवेज की 25 बसों के साथ गई ये टीम वहां फंसे उत्तराखंड और अन्य राज्यों के लोगों को लेने गई। इनमें से ज्यादातर लोग वहां रहते थे। जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि काठमांडू पहुंचने के बाद टीम ने भारतीय दूतावास से संपर्क किया। दूतावास के निर्देश पर वापस आने के इच्छुक उत्तराखंड के लोगों को बस स्टेशन और एयरपोर्ट पर लाउडस्पीकर से जानकारी दी गई। वापस आने के इच्छुक उत्तराखंड के 100 लोग मिले, जिन्हें दो बसों में लाया जा रहा है।
दूतावास के निर्देश पर उप्र, बिहार, उड़ीसा, बंगाल के वापस आने के इच्छुक लोगों को 23 बसों से लाया जा रहा है। उत्तराखंड और अन्य राज्यों के लोगों को काठमांडू से बुधवार शाम को रक्सौल के रास्ते रवाना किया गया। डीएम ने बताया कि अन्य राज्यों के यात्रियों को रक्सौल तक छोड़ने के बाद उत्तराखंड रोडवेज की बसें वापस यहां आ जाएंगी, जबकि उत्तराखंड के यात्रियों को बनबसा तक लाया जाएगा। इन यात्रियों के बृहस्पतिवार शाम तक वापस पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।