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चीन सीमा से लगे छांगरू को जोड़ने वाले मार्ग का निर्माण कार्य पूरा, घाटीबगड़ से लौटे नेपाल सेना के जवान

Tue, 06 Oct 2020 11:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़
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- फोटो : अमर उजाला
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चीन सीमा से लगे छांगरू और तिंकर को जोड़ने वाले पैदल मार्ग के बनते ही नेपाल सेना के जवान लौट गए हैं। जवानों को लेने के लिए नेपाल सेना का हेलीकॉप्टर मंगलवार को घाटीबगड़ पहुंचा। सभी मजदूर कार्यस्थल से लौट गए हैं।

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भारत के लिपुलेख तक सड़क पहुंचाने के बाद से बौखलाए नेपाल ने भी चीन सीमा पर स्थित अपने अंतिम गांवों तिंकर और छांगरु को पैदल और सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। नेपाल के पास इन गांवों तक पहुंचने के लिए घाटीबगड़ में पैदल मार्ग भी नहीं था। नेपाल के लोगों को भारतीय क्षेत्र से होकर अपने इलाके में जाना पड़ता था।


इसे देखते हुए नेपाल ने तीन माह पूर्व काली नदी के किनारे चट्टानों को काटकर मार्ग बनाने का काम शुरू किया। इसके लिए 45 से अधिक मजदूर लगाए गए थे। यह पूरा काम नेपाल सेना की देखरेख में चला। सेना के 65 जवान घाटीबगड़ में ही डेरा डाले थे। सोमवार को मार्ग का उद्घाटन किया गया। इसके अगले दिन मंगलवार को जवान घाटीबगड़ पहुंचे और हेलिकॉप्टर से लौट गए।

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झूलापुल पर 96 लोगों ने की आवाजाही

लोगों के अनुरोध पर भारत-नेपाल के स्थानीय प्रशासन ने 20 मिनट के लिए झूलापुल पुल खोला। इस दौरान 96 लोगों ने आवाजाही की। मंगलवार को दिन में 1: 45 बजे झूलापुल खोला गया। एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि झूलापुल खुलने के दौरान भारत से नेपाल 40 और नेपाल से भारत 56 लोगों ने आवाजाही की। इस दौरान दोनों देशों के लोगों ने अपने-अपने रिश्तेदारों को एक दूसरे को आवश्यक दैनिक सामग्री आदान प्रदान की।

एसएसबी 11वीं वाहिनी के इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह के नेतृत्व में जवानों ने लोगों के सामान की चेकिंग की। मेडिकल टीम ने थर्मल स्क्रीनिंग की। इस दौरान पेशकार खीमानंद भट्ट, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल, नवीन गिरी सहित कई लोग मौजूद रहे। 

नेपाल में फंसे सात लोग भारत आए
मंगलवार शाम बैतड़ी और पिथौरागढ़ प्रशासन की अनुमति पर शाम 3.50 बजे पुल खोला गया। पुल से नेपाल के दशरथ चंद नगर पालिका 8 और 10 में फंसे भारत के बिशन लाबड़, कमला लाबड़, तनिष्क लाबड़, भानु लाबड़, गोपाल लाबड़, भुवन लाबड़ और सूरज थापा भारत आए। इनके परिवार के चार लोग दिल्ली में काम करते हैं। पुल पर मेडिकल टीम ने सभी की जांच की। इस मौके पर एसएसबी निरीक्षक रंजीत सिंह, एएसआई जीवन सिंह समेत अन्य जवान मौजूद रहे। 
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