बंगापानी के घुरुड़ी में गरारी से उफनाई नदी पार करते ग्रामीण। संवाद
बंगापानी (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले के लोगों की सुरक्षा के दावे जिला मुख्यालय में हुई बैठकों और निर्देशों तक सीमित रहे हैं। बंगापानी तहसील क्षेत्र में नदियों, नालों पर लगीं बदहाल गरारीं, यहां से गायब पीआरडी जवान, होमगार्ड और बदहाल गरारीं से गिरकर घायल हो रहे लोग इन दावों की हकीकत बयां कर रहे हैं। क्षेत्र के टांगा में ट्राॅली से उतरते समय एक महिला नदी में गिरने से घायल हो गईं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बंगापानी तहसील के मनकोट, घुरुड़ी, बरम, घट्टाबगड़, दानीबगड़, मोतीघाट, गोल्फा, टांगा आदि गांवों के ग्रामीण और विद्यार्थी हर रोज जान जोखिम में डालकर इन गरारीं से आवाजाही करते हैं। नदियों और नालों के ऊपर लगीं अधिकांश गरारीं जंग खा चुकी हैं और इन्हें खींच पाना मुश्किल हो रहा है। कई बार गरारीं नदी के बीच में पहुंचते ही अटक रहीं हैं। बीते दिनों सभी गरारियों के सुधारीकरण और इनके पास ग्रामीणों तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए पीआरडी जवान व होमगार्ड की तैनाती के निर्देश जारी हुए थे लेकिन इस पर अब तक अमल नहीं हो सका है। पीआरडी जवान व होमगार्ड की ड्यूटी फिलहाल पंचायत चुनाव में लगाई गई है।
यह लापरवाही और अनदेखी ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। बीते बृहस्पतिवार को टांगा में ट्राॅली से उतरते समय स्थानीय निवासी यशोदा देवी इससे नदी में गिर गई थीं। संयोग से उनकी जान बच गई लेकिन गंभीर चोट आई। परिजनों ने उन्हें जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल पहुंचाया जहां उनका इलाज चल रहा है। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रम सिंह दानू ने कहा कि यदि गरारी के पास सुरक्षा कर्मियों की तैनाती होती तो यह घटना नहीं होती। उन्होंने गरारियों की मरम्मत की मांग उठाई है।
घायल को मुआवजा देने की मांग
यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह दानू ने नायब तहसीलदार चंद्र पाल के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा कि सिस्टम की लापरवाही से टांगा की महिला ट्राॅली से गिरकर घायल हुई है। प्रशासन को उन्हें मुआवजा देना चाहिए ताकि निर्धन परिवार की परेशानी कम हो सके और वे घायल का बेहतर इलाज करा सकें। उन्होंने कहा कि पत्थरकोट के रतगड़ी में बदहाल ट्रॉली की मरम्मत की जानी जरूरी है।
कोट
पीआरडी जवान और होमगार्ड चुनाव ड्यूटी में भेजे गए हैं। चुनाव संपन्न होते ही सभी गरारीं पर इनकी तैनाती होगी। पूर्व में गरारीं का सुधारीकरण किया गया था। फिर से इन्हें दिखवाया जाएगा। - चंद्र पाल, नायब तहसीलदार, बंगापानी