बेड़ीनाग वन बीट में कालीनाग के जंगल से उठता धुआं। संवाद
नाचनी (पिथौरागढ़)। वन विभाग के अधिकारी जिले में जंगल की आग बुझाने के इंतजामों का दावा तो जगह-जगह कर रहे हैं। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं, लेकिन जब जंगल धधक रहे हैं तो उन्हें खबर भी नहीं मिल पा रही है। ऐसा ही कुछ हुआ मंगलवार को जब बेड़ीनाग वन बीट में कालीनाग के जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए बागेश्वर से तो टीम पहुंच गई लेकिन पिथौरागढ़ वन विभाग को घटना की खबर तक नहीं लगी। बाद में बागेश्वर के वन कर्मियों की सूचना पर बेड़ीनाग से वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हुई।
बेड़ीनाग वन क्षेत्र के बागेश्वर और पिथौरागढ़ की सीमा से लगे कालीनाग की पहाड़ी के जंगल में बुधवार को आग लग गई। जंगल से उठता धुंआ देख बागेश्वर के वन दारोगा राजीव कुमार पहाड़ी के नजदीक चिल्किया गांव पहुंचे लेकिन पिथौरागढ़ वन विभाग की टीम वनाग्नि की घटना से अनजान रही। वन दारोगा को जब पता चला कि आग पिथौरागढ़ वन क्षेत्र में लगी है, तब उन्होंने यहां के वन कर्मियों को घटना की सूचना दी।
जब तक वन कर्मी मौके पर पहुंचते तब तक लाखों की वन संपदा नष्ट हो चुकी थी। देर शाम तक भी वनाग्नि पर काबू नहीं पाया जा सका। बीते दिनों बारिश के बाद वनाग्नि की घटनाओं पर कुछ हद तक अंकुश लगा था लेकिन बारिश थमते ही फिर से जंगल जलने लगे हैं। वनाग्नि की घटनाओं का पता न चलना वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। वन विभाग का कहना है कि अराजक तत्व जंगलों में आग लगा रहे हैं, इनका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। संवाद
कोट
कालीनाग के जंगल में आग लगने की जानकारी मिलने पर टीम को मौके पर भेजा गया है। जल्द ही आग पर काबू पा लिया जाएगा। - ललित कुमार, रेंजर, बेड़ीनाग