वसंत पंचमी के अवसर पर यहां कलश कला संगीत समिति की ओर से बैठकी होली का आयोजन किया गया, जिसमें देर रात्रि तक होल्यारों ने होली का आनंद उठाया। संगीत शिक्षक शिव शक्ति गहतोड़ी के आवास में हुई बैठकी होली का शुभारंभ एसएस गहतोड़ी ने राग यमन में सैंयां हम संग खेलो होरी से किया। उसके बाद शिक्षक उमापति जोशी ने राग काफी में ‘आयो नवल वसंत, सखी ऋतुराज कहायो’ से वसंत ऋतु का स्वागत किया। तुलसी दत्त जोशी ने भी राग काफी में ‘सैंयां गए परदेश कटे कैसे विरहा में रतिया’ और डा. विनोद कुमार पाठक ने जंगला काफी में जाके घुघर वाले और सांवरा हो रंग गीत पेश किया।
शांति जोशी ने कान्हा कान्हा आन पड़ी में तेरे द्वार से प्रभु वंदना की। दिनेश बिष्ट ने राग खम्माच में कैसे धरू जिया धीर सखीरी बाली उमर मोरी और धर्म सिंह अधिकारी ने राग काफी में मुरलिया मधुर बजाये श्याम होली गीत पेश किया। तबले पर संगत शांति जोशी, दिनेश बिष्ट, शिव शक्ति, बीके पाठक ने दी। कार्यक्रम में राजेंद्र सिंह बोरा, शेखर कलखुड़िया, पूरन फर्त्याल, सुरेश चंद्र, सरोज पांडेय सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।