राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नारायणनगर में पेयजल का गंभीर संकट हो गया है। कॉलेज में लगे नलों में पानी तो आ रहा है, लेकिन वह इतना गंदा है कि उसे पीने के उपयोग में नहीं लाया जा सकता। कॉलेज प्रशासन ने कई बार जल संस्थान के अधिकारियों को समस्या की जानकारी दे दी है, लेकिन स्वच्छ पानी की सप्लाई करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। आशंका है कि जिस स्रोत से कॉलेज को पानी की लाइन आती है, उसमें मलबा या गंदगी पट गई होगी।
प्राचार्य डा. उमा पाठक ने बताया कि नलों में जो पानी आ रहा है वह गंदा एवं लाल रंग का है। यह समस्या पिछले एक हफ्ते से ज्यादा आ रही है। नतीजतन विद्यार्थियों के लिए पेयजल की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष पवन टोलिया ने कहा कि महाविद्यालय में पानी की समस्या काफी लंबे समय से है। विद्यार्थियों को रोज एक से दो किमी की दूरी तय करके पीने का पानी लाना पड़ रहा है। कॉलेज में रहने वाला स्टाफ नारायणस्वामी के आश्रम से पानी लाकर गुजारा कर रहा है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस का कहना है कि जल्दी ही स्रोत को चेक कर पता लगाया जाएगा कि किन कारणों से पानी गंदा हो रहा है।