जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में 19 फरवरी से शुरू होने वाले सीमांत वसंतोत्सव में मां नंदा देवी की ध्वजाएं और डोला विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। इस संबंध में मंगलवार को नाचनी, तेजम, बला, क्वीटी, फूली, डोर, बिर्थी, गिरगांव में बैठक हुई।
ध्वजा और डोला यात्रा के लिए पूर्व खंड शिक्षाधिकारी गोपाल सिंह पंवार, चंचल सिंह कार्की, खष्टी बल्लभ द्विवेदी, कृष्णा मर्तोलिया, स्वामी त्रिलोक जी को संयोजक बनाया गया। बैठक में डोला उपसमिति के सदस्य जगत मर्तोलिया ने बताया कि 17 फरवरी को नंदा देवी का डोला और ध्वजाएं ग्राम सुरिंग से पिथौरागढ़ के लिए रवाना होगी। इसका पिथौरागढ़ पहुंचने तक जगह-जगह स्वागत किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर सामाजिक, धार्मिक संगठनों को तैयारी के लिए कह दिया गया है।
नंदा की ध्वजा और डोला पहली बार इस आयोजन में भाग लेगा। 18 फरवरी की शाम से 24 फरवरी तक पिथौरागढ़ के रामलीला मैदान में जिले के विभिन्न स्थानों से आने वाले देवी एवं देवताओं के डोलों के दर्शन करने का सौभाग्य लोगों को मिलेगा। वसंतोत्सव में सभी लोक देवताओं के डोलों को पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है।
वसंतोत्सव में होगी ईको कार्डियोग्राफी
पिथौरागढ़। 19 से 24 फरवरी तक जिला मुख्यालय में हो रहे सीमांत वसंतोत्सव के दौरान लगने वाले निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हार्ट के विशेषज्ञ कॉर्डियोलॉजिस्ट लोगों की ईको कार्डियोग्राफी (ईसीजी) करेंगे। हृदयरोग के संबंध में परामर्श दिया जाएगा। पूर्व दर्जा मंत्री महेंद्र सिंह लुंठी, भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य ललित पंत, हेमराज बिष्ट आदि की मौजूदगी में हुई बैठक में बताया गया कि शिविर में डॉ. विनोद कुमार, डॉ. ओपी यादव, डॉ. कृष्णा सीके अपनी सेवाएं देंगे। लुंठी और पंत ने कहा ईसीजी की सुविधा पहाड़ पर कहीं भी नहीं है। शिविर से लोगों को काफी लाभ मिलेगा। बैठक में बताया गया कि मेडिकल सर्जरी डेंटल के विशेषज्ञों की टीम को लोगों को दांतों की देखभाल के उपाय बताएंगे। बैठक में भुवन जोशी, दान सिंह वल्दिया, गोविंद सिंह बिष्ट, ललित शौर्य, चंदू मेहता, बासू पांडे, राकेश देवलाल, जगदीश भट्ट आदि मौजूद थे।
छलिया नृत्य प्रतियोगिता भी होगी
पिथौरागढ़। वसंतोत्सव के मीडिया प्रभारी ललित शौर्य ने बताया कि वसंतोत्सव में छलिया दल प्रस्तुति देंगे। छलिया नृत्य पर प्रतियोगिता होगी। जिले के विभिन्न छलिया दल वसंतोत्सव में प्रस्तुति देंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले दलों को पुरस्कार दिए जाएंगे।