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नाम सामुदायिक काम प्राथमिक का भी नहीं

Fri, 20 Apr 2018 11:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कनालीछीना
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कनालीछीना का अस्पताल भवन - फोटो : अमर उजाला
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पच्चीस हजार की आबादी के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए कनालीछीना में खोला गया अस्पताल अव्यवस्थाओं का शिकार हो गया है। अस्पताल में बोर्ड तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लगा है, लेकन काम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी नहीं हो रहा है। सरकार ने दो करोड़ की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन बनाया, वर्ष 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य का लोकार्पण किया, लेकिन अस्पताल के लिए पद सृजित करना सरकार भूल गए।

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दस्तावेजों में कनालीछीना अस्पताल को आज भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा प्राप्त है। अस्पताल में डॉक्टरों के तीन पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां मात्र एक डॉक्टर कार्यरत है। दो पद दो वर्ष से रिक्त हैं। अस्पताल में लैब टेक्नीशियन का पद रिक्त होने से खून की जांच के लिए 26 किमी दूर पिथौरागढ़ जाना पड़ता है। शासन ने वर्ष 2008 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये अवमुक्त किए, भवन बन गया। 24 अप्रैल 2010 को तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण किया, लेकिन पद ही सृजित नहीं किए गए। लिहाजा कनालीछीना में अब भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ही संचालित हो रहा है।

शुक्रवार को जब अस्पताल की अव्यवस्थाओं की पड़ताल की गई तो सच्चाई सामने आई। शुक्रवार सुबह 10.35 बजे अमर उजाला की टीम अस्पताल पहुंची। अस्पताल में 5 लोग स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंचे थे। फार्मेसिस्ट संजय कुमार वायरल से पीड़ित कनालीछीना निवासी गीता बिष्ट (35) का चेकअप कर रहे थे। अस्पताल में कार्यरत एकलौते डॉक्टर रविशंकर श्रीवास्तव 14 अप्रैल से अवकाश पर बताए गए। 11.15 बजे वार्ड का जायजा लिया गया। बुखार से पीड़ित पाली गांव निवासी जमुना देवी (45) को ग्लूकोज चढ़ रहा था। अस्पताल में 18 बेड लगे हैं। एक भी मरीज भर्ती नहीं था। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ऊषा गुंज्याल का कहना है कि कनालीछीना में सीएचसी के हिसाब से पद स्वीकृत नहीं हैं। पदों की स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्ताव गया है।
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पदों के सापेक्ष तैनाती नहीं
कनालीछीना अस्पताल में प्रभारी चिकित्साधिकारी, एक मेडिकल आफीसर और एक महिला चिकित्सक का पद स्वीकृत है, लेकिन अस्पताल में एक ही डॉक्टर तैनात है। दो फार्मेसिस्ट के स्थान पर एक तैनात है। एक्सरे और लैब टेक्नीशियन का पद रिक्त है। एएनएम के 18 पदों में से तीन रिक्त हैं। स्टाफ नर्स के 4 पदों के सापेक्ष 4 तैनात हैं। स्टाफ नर्स के भरोसे अस्पताल में डिलीवरी होती है। मार्च 2017 से अब तक अस्पताल में 61 बच्चों का जन्म हो चुका है। अस्पताल में 108 एंबुलेंस, खुशियों की सवारी है।

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