गणाईगंगोली के सेरा उर्फ बडोली में थ्रेसर से हो रही गेहूं की मड़ाई
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अब पहाड़ पर भी गेहूं की थ्रेसर मशीन से मड़ाई होने लगी है। राइज संस्था के सहयोग के गंगोलीहाट विकासखंड के सेरा उर्फ बडोली ग्राम पंचायत को थ्रेसर मशीन मिली है, इससे गांव के 300 किसान गेहूं की मड़ाई कर रहे हैं। वहीं, अब भी पहाड़ के अधिकतर इलाकों में हाथ से गेहूं की मड़ाई होती है, यह काफी मेहनत वाला काम है।
राइज संस्था ने सेरा उर्फ बडोली ग्राम पंचायत को इसी साल थ्रेसर मशीन उपलब्ध कराई है। घाटी वाले इस ग्राम पंचायत में किसान इस बार थ्रेसर से गेहूं की मड़ाई कर रहे हैं। 50,000 रुपये लागत की थ्रेसर मशीन बिजली से संचालित होती है। थ्रेसर के उपयोग के बदले ग्राम पंचायत किसानों से एक दिन का मात्र 50 रुपये किराया ले रही है, इससे ग्राम पंचायत को काफी राहत मिल रही है। पिछले साल तक गेहूं की मड़ाई के लिए किसानों को स्वयं तो जुटना ही पड़ता था, मजदूर भी लगाने पड़ते थे। अब थोड़े से खर्च में गेहूं की मड़ाई हो जा रही है।
संस्था ने सेराघाट, भनोलीसेरा, सारतोला, नियोलियासेरा, पभ्या, ज्योलियाखेत, रामपुर, रामतोला, नाली, चौनापातल समेत 12 गांवों में 40 महिला समूहों का गठन किया है। संस्था के संचालक भगवान सिंह डोबाल बताते हैं कि कृषि विभाग से 50 प्रतिशत अनुदान पर कृषि उपकरण मिल जाते हैं। संस्था इन्हें ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराती है, अन्य गांवों को भी कृषि उपकरण दिए जाएंगे।
जुताई के लिए दिए हैं पावर विडर, पावर ट्रिलर
राइज संस्था ने सरयू नदी से सटे सेरा उर्फ बडोली ग्राम पंचायत को खेतों की जुताई के लिए 6 पावर विडर और 2 पावर ट्रिलर भी उपलब्ध कराए हैं। डीजल से चलने वाले इन उपकरणों से ग्राम पंचायत के लोगों को खेतों की जुताई में भी काफी राहत मिल रही है। ग्राम प्रधान मोहन चंद्र जोशी कहते हैं कि राइज संस्था के प्रयासों से किसानों को काफी कम मेहनत करनी पड़ रही है। समय के साथ ही धन की भी बचत हो रही है।