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‘मेरा गांव मेरी सड़क’ योजना में लगाए नेपाली मजदूर

Sun, 06 Dec 2015 09:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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अस्कोट के ग्राम पंचायत खोलियागांव के धौलाकोट तोक के लिए ‘मेरा गांव मेरी सड़क’ योजना से बन रही सड़क में नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले लोगों की गरदन नपनी तय है। रेगूलर पुलिस ने समाचार पत्रों में छपी खबर का संज्ञान लेते हुए काम में लगे लोगों का सत्यापन किया है। सत्यापन में चार नेपाली मजदूर होने की पुष्टि हुई है।
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समाचार पत्रों में 5 दिसंबर के अंक में मनरेगा मद से बन रही सड़क में स्थानीय मजदूरों के स्थान पर नेपाली मजदूरों को काम पर लगाने की खबर प्रकाशित हुई थी। धौलाकोट के लिए ग्राम पंचायत के अधीन ‘मेरा गांव मेरी सड़क’ योजना से 33 लाख रुपये की लागत से एक किलोमीटर सड़क बनाई जा रही है। सड़क की कटिंग लगभग पूरी हो चुकी है। इसी बीच ग्राम पंचायत की मिली भगत से एक लाख रुपये का काम किसी व्यक्ति को दे दिया गया, उसने काम में नेपाली मजदूर लगा दिए। गांव के लोगों ने इसकी खिलाफत करते हुए आवाज बुलंद की।
कांग्रेस के शासनकाल में चलाई गई मनरेगा योजना स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाने के उद्देश्य से चलाई गई भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना में ग्राम पंचायत के लोग ही मजदूरी का काम कर सकते हैं। इसके लिए बाकायदा जॉब कार्ड बनाए जाते हैं। थानाध्यक्ष विद्याधर जोशी ने बताया कि स्थल पर की गई जांच में नेपाल के पद्म सिंह पुत्र राम सिंह निवासी बोहरी गांव, ग्राविस बमतोली दार्चुला (नेपाल), उसी गांव के नारायण सिंह पुत्र रघुवीर सिंह, रघुवीर सिंह पुत्र कल्याण सिंह, मोहन सिंह पुत्र दली सिंह के काम करने की पुष्टि हुई है। वह उच्चाधिकारियों के सामने इस प्रकरण पर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। उधर, प्रधान किशन राम कहते हैं कि सड़क का काम स्थानीय लोगों से ही कराया जाएगा। किसी व्यक्ति को काम सौंपने, नेपाली मजदूर काम में लगाने के सवाल पर प्रधान का कहना है कि यह उनके स्तर से नहीं, ब्लॉक स्तर से हुआ है। वहीं खंड विकास अधिकारी कैलाश चंद्र जोशी जिन पर सड़क निर्माण की मानीटरिंग की अहम जिम्मेदारी है। कहते हैं मौके पर जाकर मालूम किया जाएगा।
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