मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी से मिलम जाने वाले ट्रैकिंग रूट और पैदल रास्ते की हालत बेहद खराब है। कई स्थानों पर रास्ता टूटा है। पैदल पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। जल्दी ही माइग्रेशन गांवों को लोगों की वापसी शुरू होगी। यदि तब तक रास्ते और पुलों की मरम्मत नहीं होती तो माइग्रेशन पर लौटने वालों को भारी दिक्कत हो सकती है। माइग्रेशन गांवों के लोग अपने साथ जानवरों को भी लेकर चलते हैं।
यहां मिली सूचना में कहा गया है कि मुनस्यारी-मिलम रास्ते में बोगड्यार, लस्पागाड़ी में बने पैदल पुल पिछले दिनों बर्फबारी के दौरान टूट गए हैं। लोनिवि ने अब तक इस रास्ते का सर्वे तक नहीं किया है। रास्ते की देखरेख के लिए लोनिवि ने सिर्फ चार मजदूर और बेलदार तैनात किए हैं जबकि रास्ते की लंबाई 61 किलोमीटर है। पैदल रास्ते में मापांग, नहरदेवी, छिरकानी में ग्लेशियर बने हुए हैं।
गर्मी के मौसम में इन ग्लेशियरों के टूटने का खतरा रहता है। मुनस्यारी से मिलम जाने वाला यह पैदल रास्ता 13 गांवों को जोड़ता है। इन गांवों से सभी लोग जाड़ों में माइग्रेशन पर घाटियों वाले इलाकों में चले जाते हैं। अप्रैल मध्य से नवंबर तक इस रास्ते से ट्रैकिंग गतिविधियां भी चलती हैं।
नंदादेवी बेस कैंप और मिलम ग्लेशियर जाने वाले इसी रास्ते से निकलते हैं। मल्ला जोहार विकास समिति के अध्यक्ष राम सिंह का कहना है कि 15 अप्रैल तक रास्ते को दुरुस्त करना बेहद जरूरी है। अन्यथा माइग्रेशन से लौटने वाले परिवारों को दिक्कत हो सकती है। लोनिवि के जूनियर इंजीनियर आरपी पंतोला ने कहा कि एक दो दिन के भीतर रास्ते की मरम्मत के लिए मजदूर भेज दिए जाएंगे।
मुनस्यारी। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने लोनिवि डीडीहाट डिवीजन को निर्देश जारी किए हैं कि मुनस्यारी से मिलम जाने वाले रास्ते की तत्काल मरम्मत की जाए। उन्होंने कहा है कि दस अप्रैल तक रास्ता सही हालत में आ जाना चाहिए। ताकि माइग्रेशन से लौटने वालों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने मरम्मत के काम की रिपोर्ट देने को भी कहा है।