मुनस्यारी के बुग्यालों में आग लगाने वालों को पकड़ पाना वन विभाग के बस की बात नहीं रह गई है। पिछले तीन महीने से यहां पंचाचूली की तलहटी में स्थित बुग्यालों में लगातार आग लगी है। आशंका जताई जा रही है कि आग अवैध रूप से शिकार करने वाले लगा रहे हैं, लेकिन अब तक एक भी शिकारी को वन विभाग नहीं पकड़ पाया है।
बताया गया कि ठीक सर्दियों में बुग्यालों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि शिकारी ऊंचे इलाकों से निचली घाटियों में उतरने वाले जंगली जानवरों को आग लगाकर घेर लेते हैं। शिकारियों की इन इलाकों में सक्रियता के प्रमाण भी मिले हैं। पिछले दो दिनों से एक बार फिर बुग्यालों में लगी आग का धुआं चारों तरफ फैल गया है। इस कारण मुनस्यारी से हिमालय की चोटियां नजर नहीं आ रही हैं। वन रेंजर लवराज सिंह का कहना है कि कई बार वन विभाग की टीम मौके पर भेजी गई, लेकिन आग लगाने वालों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। अब भी विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
क्रू-स्टेशनों में तैनात हो गए कर्मचारी
पिथौरागढ़। कर्मचारियों के चुनाव ड्यूटी से लौटते ही सभी क्रू-स्टेशनों में उनकी तैनाती हो गई है। वन विभाग 15 फरवरी से फायर सीजन घोषित कर देता है। इस बार विभाग ने 105 क्रू-स्टेशनों की स्थापना की है। हर क्रू-स्टेशन में कम से कम पांच कर्मचारी तैनात किए गए हैं। फायर सीजन शुरू होते ही वन विभाग जंगलों की आग की रोकथाम के लिए लोगों के बीच जागरूकता अभियान शुरू करेगा। वन रेंजर दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि जंगलों की आग को रोकने के लिए इस बार व्यापक इंतजाम किए गए हैं।