डीडीहाट (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश होने से रामगंगा का पानी मटमैला हो गया है। इसके चलते डीडीहाट की योजना में भी नलों से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। लोगों को पीने के लिए नौले-धारों से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
डीडीहाट में पानी की आपूर्ति थल की रामगंगा और भनड़ा तथा ननपापू के जंगलों के स्रोतों से होती है। पहाड़ों पर लगातार बारिश होने से नदियों का पानी मटमैला हो गया है। इस कारण थल-डीडीहाट पंपिंग योजना में भी दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। नलों से पानी के साथ मिट्टी भी आ रही है। लोगों को पीने के पानी के लिए पमस्यारी रोड पर स्थित रत्ना धारा, पुष्कर धारा सहित अन्य जलस्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है।
डीडीहाट यूथ सोसायटी ने जल निगम से पंपिंग योजना में फिल्टर लगाने की मांग की है। इधर जल निगम के ईई संजय कुमार ने बताया कि बारिश के कारण नदियों का पानी मटमैला हो गया है। थल में स्थित पंपिंग हाउस की सफाई की जा रही है। जल्द ही लोगों को साफ पानी मिलने लगेगा।
टकाना से लेकर खड़कोट तक किसी घर में नहीं आया पानी
पिथौरागढ़। नगर के अधिकांश हिस्सों में बृहस्पतिवार को पानी की आपूर्ति ठप रही। टकाना से खड़कोट तक किसी घर में पानी नहीं आया। गर्मी के मौसम में पानी की आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस साल कम बारिश होने से फरवरी से ही जल संकट पैदा हो गया था। अप्रैल के बाद हालात और गंभीर हो गए। वर्तमान में जल संस्थान की ओर से कई हिस्सों में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है। तीन दिनों से आंवलघाट योजना से कम पानी मिल रहा है। इसके चलते बृहस्पतिवार को बजेटी, पीडब्ल्यूडी और नगरपालिका जोन में आपूर्ति नहीं हुई। इसके अलावा टकाना, लिंक रोड, बजेटी, जीआईसी रोड, खड़कोट, घंटाकरण आदि क्षेत्रों में भी घरो में पानी की सप्लाई नहीं हुई। लोगों को स्रोतों या हैंडपंपों से पानी की आपूर्ति करनी पड़ी।
कोट
आंवलाघाट से ढाई एमएलडी ही पानी मिला। इस कारण पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही। कुछ इलाकों में टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है। - सुरेश जोशी, ईई, जल संस्थान, पिथौरागढ़।