पिथौरागढ़/धारचूला । चीन सीमा के गांवों को जोड़ने वाली दारमा घाटी की सोबला-ढाकर सड़क को हल्के वाहनों के लिए खोल दिया है। बीआरओ के मजदूर सड़क सुधारीकरण में जुटे हैं। अभी भी पहाड़ी से लगातार मलबा, बोल्डर गिरने का खतरा बरकरार है।
बीते मंगलवार को दो जगहों पर मलबा, बोल्डर गिरने से यातायात बाधित हो गया था। शुक्रवार को सड़क पर आवाजाही शुरू हुई लेकिन बीते दिन फिर से मलबा गिर गया। बीआरओ 67 आरसीसी ग्रिफ के अधिकारी, कर्मचारियों ने पंगबावे में दो जेसीबी की मदद से शनिवार देर शाम हल्के वाहनों के लिए सड़क को खोल दिया है। बीआरओ के अधिकारियों ने बताया कि सोमवार दिन तक सड़क को बड़े वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। सड़क खुलने से ग्रामीण और सुरक्षा बलों के जवानों ने राहत की सांस ली है। उधर तवाघाट-गुंजी कैलाश यात्रा मार्ग पर सुबह मलबा गिर गया था। बीआरओ ने मलबा हटा कर सड़क पर यातायात सुचारु किया।
सीमांत की 13 ग्रामीण सड़कें बंद होने से लोग परेशान
पिथौरागढ़ । सीमांत जिले में बारिश के बाद मलबा आने से 13 ग्रामीण सड़कों पर आवाजाही ठप है। इससे ग्रामीणों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ड्योरा-बारमो, देविसौना-गराली, तवाघाट-थानीधार, सोबला-उमचिया, बंगापानी-जाराजिबली, होकरा-नामिक, गलाती-धामी गांव सड़कें बाधित हैं। इनके अलावा कालिका-मल्ला लिणुवा, मसूरी कांठा-होकरा, बांसबगड़-धामी गांव, छेड़ा-आगर, थल-लेजम, सुवालेख-झूणी सड़कें मलबा आने से बंद हैं। जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में रविवार को बारिश नहीं होने से लोगों ने राहत की सांस ली है लेकिन आसमान में घने बादल छाए हुए हैं।