गंगोलीहाट में रामलीला मंचन का दृश्य। संवाद
पिथौरागढ़। विषाड़ गांव में आयोजित रामलीला मंचन के सातवें दिन लक्ष्मण के सूर्पणखा के नासिका छेदन से सीता हरण तक लीला का मंचन किया गया।
सूर्पणखा पंचवटी में राम-लक्ष्मण को रिझाने का प्रयास करती है। क्रोधित होकर लक्ष्मण उसके नाक-कान काट देते हैं। इसके बाद वह अपने भाई खर-दूषण के पास पहुंचती है। राम दोनों का वध कर देते हैं। सूर्पणखा रोते-बिलखते लंकापति रावण के पास पहुंचती है। रावण अपने मामा मारीच की सहायता से सीता का हरण कर लेता है। सूर्पणखा योगेश कल्पासी, खर मुकेश भट्ट, दूषण पवन घटाल, त्रिशिरा का अभिनय सुंदर मेहता ने किया। इस दौरान नर्तकियों के आकर्षक नृत्य ने दर्शकों को भरपूर मनोरंजन किया। मुख्य अतिथि भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र वल्दिया रहे। इस दौरान महेश पाठक विप्लव शाह समेत दर्शक मौजूद रहे।
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गंगोलीहाट में हुआ कुंभकर्ण का वध
गंगोलीहाट। श्री महाकाली दरबार रामलीला कमेटी एवं सास्कृतिक मंच के की ओर से आयोजित मंचन में रावण-मेघनाद संवाद, मेघनाद-लक्ष्मण युद्ध, लक्ष्मण शक्ति, हनुमान का सुषैन वैद्य को लाने, संजीवनी बूटी लाने से लेकर कुंभकर्ण के वध तक की लीला दिखाई गई। इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष हेमराज रावल, विजय शाह, मोहन सिंह रावल, प्रेम सिंह रावल, कल्याण सिंह धानिक, शंकर सिंह रावल, किशन उप्रेती, कैलाश सिंह समेत दर्शक मौजूद रहे। संवाद