आग से झुलसे 100 से अधिक पेड़ों पर आरी चला दी
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उच्च हिमालयी क्षेत्र में पिछले दिनों आग से झुलसे ओक और चीड़ के 100 से अधिक पेड़ों को काट दिया गया। तहसील मुख्यालय से 75 किमी दूर नाबी गांव के निकट न्हयल के जंगल में यह पेड़ काट गिराए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से काटी गई यह लकड़ियां सीमा सड़क संगठन के गुंजी स्थित कैंप के बाहर रखी गई हैं। ग्रामीणों ने पेड़ काटने के मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नाबी गांव के वन सरपंच अजब सिंह नबियाल ने एसडीएम आरके पांडे के माध्यम से डीएम को एक शिकायती पत्र और काटे गए पेड़ों के फोटोग्राफ भेजे हैं। उन्होंने बताया कि विगत दिनों गुंजी, कालापानी के साथ साथ नाबी के जंगलों में भी आग लग गई थी। आग से नाबी वन पंचायत के जंगल में कई पेड़ झुलस गए थे। कुछ पेड़ों की टहनियां भी आग से जल गई थी। इस घटना के बाद कुछ लोगों ने जले हुए तथा झुलसी टहनी वाले सूखे पेड़ों को काट दिया। असंख्य पेड़ों पर आरी चलाई गई है। सरपंच ने मांग की है कि उनकी वन पंचायत को जो नुकसान पहुंचाया गया है उसकी भरपाई की जाए।
उधर, जिलाधिकारी डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया कि अभी तक उनको सरपंच का शिकायती पत्र नहीं मिला है। उन्होंने कहा है कि इस मामले की वन विभाग के माध्यम से जांच कराई जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि पेड़ काटने के मामले में कौन लोग लिप्त हैं।