पिथौरागढ़। जिले में बालिका शिक्षा को बढ़ाने के लिए खोले गए 16 बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) और हाईस्कूलों में वर्षों से 40 शिक्षिकाओं के पद खाली हैं। इनको भरने के लिए शासन से पत्राचार भी किया जाता है लेकिन लंबे समय से इन पदों को नहीं भरा गया है।
सीमांत जिले में 11 जीजीआईसी और पांच हाईस्कूल हैं जिनमें सुनहरे भविष्य के सपने लेकर 2100 बेटियां पढ़ रही हैं। इन स्कूलों में शिक्षिकाओं के 40 पद वर्षों से खाली हैं। गणित, विज्ञान, जीवविज्ञान, हिंदी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक न होने से छात्राओं को पढ़ाई में परेशानी उठानी पड़ती है। बेटियां भविष्य के सपने लिए स्कूलों में तो पहुंच रही हैं लेकिन महत्वपूर्ण विषय की शिक्षिकाएं न होने के कारण उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। मुनस्यारी और कनालीछीना विकासखंड मुख्यालयों के स्कूलों में शिक्षिकाओं की सबसे अधिक कमी है। मुनस्यारी में आठ तो जीजीआईसी कनालीछीना में जीव विज्ञान सहित तीन विषयों की शिक्षिकाओं के पद खाली हैं। जिन विषयों में शिक्षिकाएं नहीं हैं, उन विषयों की पढ़ाई छात्राओं को स्वयं करनी होती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को कोचिंग की सुविधा भी नहीं मिल पाती है। सीईओ एके जुकरिया ने बताया कि खाली पदों को भरने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन स्तर पर शिक्षिकाओं की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि जल्द यहां पर सभी पदों पर तैनाती होगी।