थल (पिथौरागढ़)। कस्बे में बंदरों ने घरों में धुसकर उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। हालत यह है कि महिलाओं के हाथ की रोटी तक बंदर झपट कर ले जा रहे हैं। भगाने पर ये कटखने बंदर हमला करने को उतारू हो जाते हैं।
वन विभाग ने पहले बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। कुछ बंदर पकड़े भी गए, लेकिन अब फिर से हालात काबू के बाहर हैं। घरों के आगे खेतों में बोई सब्जियां और लगाए फलदार पौधे भी बंदरों ने बर्बाद कर डाले हैं। लोगों का कहना है कि किचन में खाना बनाते समय जैसे ही महिलाएं रोटी सेंकती हैं, बंदर बिजली की रफ्तार से अंदर घुसते हैं। हाथ से चपाती, सब्जी और अन्य खाने-पीने का सामान उठाकर भाग लेते हैं। अचानक हुई इस छीना-झपटी से महिलाएं और बच्चे बुरी तरह डर गए हैं।
स्थानीय महिला हंसा बिष्ट कहती हैं कि अब तो बंदरों से रोज की जंग बन गई है। उनका कहना है कि वन विभाग को सिर्फ पिंजरा लगाकर नहीं, बल्कि ठोस और स्थायी योजना बनाकर इस समस्या को खत्म करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो महिलाएं सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगी।