धारचूला विधायक हरीश धामी द्वारा मुनस्यारी और मदकोट पुलिस पर अवैध खनन में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए आत्मदाह की धमकी देने से पुलिस-प्रशासन शनिवार सुबह से ही अलर्ट रहा। मुख्यमंत्री से मिलने आ रहे विधायक धामी और उनके समर्थकों को पुलिस ने शहर में प्रवेश करने से पहले ही चार किमी दूर जाजरदेवल थाने के पास रोक लिया। धामी के समर्थकों द्वारा हंगामा करने पर पुलिस ने विधायक समेत 50 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन पहुंचा दिया। मुख्यमंत्री के जाने के बाद इन लोगों को छोड़ा तो धामी डीएम के मौके पर आने तक न जाने पर अड़ गए। डीएम के आश्वासन के बाद ही धामी और उनके समर्थक पुलिस लाइन से निकले।
विधायक धामी ने शुक्रवार रात मुनस्यारी और मदकोट पुलिस में अवैध खनन के धंधे में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए शनिवार को पिथौरागढ़ आ रहे मुख्यमंत्री से मिलने, मुख्यमंत्री द्वारा सकारात्मक कार्रवाई न करने पर उन्हीं के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी। इस पर पुलिस, प्रशासन, खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया था। सुबह से ही मदकोट, मुनस्यारी क्षेत्र से आने वाले वाहनों की तलाशी ली जाने लगी। करीब 10 बजे विधायक धामी अपने समर्थकों के साथ जैसे ही जाजरदेवल थाने के पास पहुंचे तो एसडीएम सदर संतोष कुमार पांडे एवं थानाध्यक्ष दीपक बिष्ट के नेतृत्व में तैनात पुलिस कर्मियों ने धामी और उनके समर्थकों को रोक लिया। धामी को रोकने की सूचना पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत समेत कई कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। धामी और उनके समर्थकों को भी पुलिस ने थाने में बैठा लिया। दोपहर 12 बजे धामी को अकेले मुख्यमंत्री से मिलाने की बात कही गई।
दोपहर 12 बजे जब धामी को सीएम से मिलने के लिए नहीं ले जाया गया तो समर्थकों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया। पुलिस ने सभी लोगों को जबरन वाहन में बैठाना शुरू किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया। पुलिस सभी लोगों को वाहन में ठूंसकर पुलिस लाइन ले आई। दोपहर 2.15 पर मुख्यमंत्री के वापस जाने पर इन सभी को छोड़ा गया, लेकिन विधायक धामी जिलाधिकारी के मौके पर आने तक वहां से न जाने पर अड़ गए। धामी के ऐलान पर डीएम सी रविशंकर मौके पर पहुंचे।
धामी ने उन्हें सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में पुलिस, प्रशासन की शह पर अवैध शराब का धंधा चरम पर है। पुलिस अधीक्षक की शह पर पुलिस एक साल से उनका उत्पीड़न कर रही है।
शुक्रवार को सरकारी काम में लगी एक पोकलैंड मशीन को एमबी एक्ट में सीज कर दिया गया, जबकि किसी भी मशीन को एमबी एक्ट में सीज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि मुझे निशाना बनाकर कांग्रेसियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो मजबूरन आत्मदाह करेंगे। हिरासत में लिए गए लोगों में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ऋषेंद्र महर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष नंदा बिष्ट, दीपक लुंठी, निर्मल लोहिया, डुंगर दानू, प्रेमा कुटियाल, भागीरथी, जगत महर, मन्नू ठकुराठी, जीवन मेहरा, संतोष गोस्वामी, गज्जी वल्दिया, गोकर्ण आदि शामिल थे।
धारचूला में फूंका सरकार का पुतला, प्रदर्शन
धारचूला। विधायक हरीश धामी और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के विरोध में धारचूला गांधीचौक पर कांग्रेसियों ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंका और तहसील कार्यालय में प्रदर्शन किया। इन लोगों ने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर विधायक धामी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रदर्शन में विधायक प्रतिनिधि नृप गर्ब्याल, दर्जा राज्य मंत्री कैलाश रावत, पूर्व प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर, जीवन बिष्ट, किशन फिरमाल, राजेश कुटियाल, लक्ष्मी रायपा आदि शामिल थे।