एसडीएम अनुराग आर्य ने महाकाली से बचाव के लिए बन रहे तटबंधों के निर्माण में की जा रही घपलेबाजी की जांच के आदेश दे दिए हैं। आरईएस और लोनिवि की टीम जांच करेगी। झूलाघाट के लोगों ने एसडीएम से शिकायत की थी कि तटबंधों के निर्माण के समय रेत की जगह मिट्टी का प्रयोग हो रहा है। ऐसे में यह तटबंध अगली बारिश को भी नहीं झेल पाएंगे। 2013 में आई आपदा के बाद सरकार ने सिंचाई विभाग को तटबंध निर्माण का काम सौंपा है। बताया गया है कि तटबंध निर्माण के काम को देखने के लिए कोई अभियंता मौके पर नहीं रहता। इस कारण ठेकेदार मनमानी करते आ रहे हैं और गुणवत्ता का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
तटबंध निर्माण में हो रही धांधली का रविवार को भी लोगों ने विरोध किया और तत्काल काम रोकने की मांग की। आपदा पीड़ित खीमानंद पंगरिया ने कहा कि इस तरह की लापरवाही से फिर कभी भी आपदा का खतरा मंडरा सकता है। एसडीएम ने कहा कि गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होगा और जांच के लिए टीम तत्काल मौके पर जाएगी। यदि कोई खामी पकड़ में आई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।