पिथौरागढ़। गंगोलीहाट के झलतोला में बनी मिनी झील ने सूखते जल स्रोतों को नया जीवन दिया है। 88 मीटर लंबी और 25 मीटर चौड़ी झील में पानी भरा तो इससे आसपास के 50 जल स्रोतों में जलधारा बढ़ गई इसकी हर तरफ चर्चा हो रही है।
झलतोला की निवर्तमान प्रधान ममता बोरा ने अपने कार्यकाल में अपने गांव के आसपास सूख रहे जलस्रोतों को नया जीवन देने के साथ ही स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मिनी झील का निर्माण किया। उनकी यह पहल रंग लाई है।
88 मीटर लंबी, 25 मीटर चौड़ी और 1.50 मीटर गहरी मिनी झील में 3300 क्यूबिक मीटर पानी भरा तो इसने आसपास के 50 सूखते जल स्रोतों में नई जान फूंक दी। इन जल स्रोतों का झील बनने से जलस्तर बढ़ गया है जो हर तरफ चर्चा का विषय बने हैं। निवर्तमान प्रधान ममता बोरा ने कहा कि जल संरक्षण को लेकर उनका यह प्रयास सफल रहा है।
पालतू और जंगली जानवरों को मिल रहा है पर्याप्त पानी
पिथौरागढ़। निवर्तमान प्रधान ममता बोरा ने बताया कि यह झील बहुउपयोगी साबित हो रही है। बताया कि पूर्व में पालतू जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो रहा था। झील बनने के बाद पालतू जानवरों के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है तो जंगली जानवर भी इससे अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
पर्यटन को मिल रहा है बढ़ावा
पिथौरागढ़। झलतोला में मिनी झील के अस्तित्व में आने से यहां पर्यटन गतिविधियां भी बढ़ी हैं। निवर्तमान प्रधान ममता बोरा ने बताया कि झील की सुंदरता का आनंद लेने के लिए पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं इससे स्थानीय कारोबार को बल मिल रहा है। कहा भविष्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी ऐसी उम्मीद है।