थल (पिथौरागढ़)। बेड़ीनाग, डीडीहाट, कनालीछीना विकासखंड की 30,000 से अधिक की आबादी को बेहतर उपचार कराने के लिए खोला गया थल स्थित गोचर पीएचसी खुद बीमार है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां मरीजों को दवा बांटने के लिए फार्मासिस्ट नहीं है। स्टाफ नर्स गर्भवतियों का प्रसव कराने के साथ ही मरीजों को दवा बांट रही हैं।
डीडीहाट विकासखंड के थल, बेड़ीनाग के पांखू, धरमघर, कनालीछीना के मुवानी क्षेत्र के 300 से अधिक गांवों के मरीज उपचार के लिए पीएचसी गोचर पर निर्भर हैं। यहां मरीजों और गर्भवतियों का खासा दबाव रहता है।
स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावों के बीच इस अस्पताल में सेवाएं दम तोड़ रही हैं। पांच महीने से यहां फार्मासिस्ट का पद रिक्त है। ऐसे में यहां मरीजों को दवा बांटने वाला भी कोई नहीं है। तीन पदों के सापेक्ष यहां सिर्फ दो स्टाफ नर्स तैनात हैं जिन पर गर्भवतियों का प्रसव कराने के साथ दवा बांटने की भी जिम्मेदारी है।
नियमों के मुताबिक दवा बांटने के लिए सिर्फ फार्मासिस्ट अधिकृत हैं और उन्हें दवा के बारे में पूरी जानकारी होती है। लंबे समय से क्षेत्र के लोग फार्मासिस्ट की तैनाती की मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक उनकी नहीं सुनी गई है इससे उनमें शासन-प्रशासन के खिलाफ खासा आक्रोश है।
उच्चीकरण की मांग फाइलों में हुई गुम
थल। गोचर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की उम्मीद में तीनों विकासखंड के लोग इसके उच्चीकरण की मांग कर रहे हैं। उनकी यह मांग फाइलों में गुम है और वे बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं से जूझ रहे हैं। अस्पताल में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी जैसी मूलभूत सुविधा नहीं होने से लोगों को जांच और बेहतर उपचार के लिए अन्य अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
सीएमओ डॉ. जेएस नबियाल का कहना है कि गोचर पीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट का स्थानांतरण हो गया था। यहां फार्मासिस्ट की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। हर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए विभाग गंभीरता से काम कर रहा है।