पिथौरागढ़। सीमांत जिले में विद्यार्थियों की सेहत और सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां कई स्कूलों में मिड-डे-मील के तहत कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों को पिलाने के लिए एक्सपायरी दूध भेजा गया है। यही नहीं दूध पर उत्पादन और उपयोग की अंतिम तिथि भी गड़बड़ है। शिक्षकों ने जब दूध के पैकेट देखे तो मामले का खुलासा हुआ। अब विभागीय अधिकारी जांच की बात कर इस गंभीर लापरवाही पर पर्दा डालने में जुट गए हैं।
प्रदेश में मिड-डे-मील योजना के तहत सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में दो दिन दूध देना अनिवार्य है। योजना के तहत दो दिन पैकेट में बंद 10-10 ग्राम फोर्टिफाइड दुग्ध चूर्ण को गरम पानी में घोलकर विद्यार्थी को दिया जाता है। जिले के स्कूलों में एक से आठवीं तक करीब 12 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं, जिन्हें यह फोर्टिफाइड दूध दिया जा रहा है।
बीते दिनों भी स्कूलों में दूध की आपूर्ति हुई। जब शिक्षकों ने दूध के पैकेट देखे तो वे हैरान रह गए। अधिकांश स्कूलों में एक्सपायरी दूध पहुंचा है। पैकेट में उपयोग करने की अंतिम तिथि 21 मार्च 2020 दर्ज है। साफ है कि जिस दूध को स्कूलों में भेजकर विद्यार्थियों की सेहत सुधारने के दावे किए जा रहे हैं, यह पांच साल पहले ही उपयोग से बाहर हो चुका है। शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि एक्सपायरी दूध भेजना विद्यार्थियों की सेहत और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है, जिसकी जांच होनी चाहिए।
बीत गई उपयोग की अंतिम तिथि, फिर कैसे हुआ दूध का उत्पादन
स्कूलों में जिस दूध की आपूर्ति हुई है इसमें उपयोग की अंतिम तिथि के छह महीने बाद इसके उत्पादन की तिथि अंकित है। आपूर्ति किए गए दूध के पैकेट में उत्पादन तिथि 24 सितंबर 2020 जबकि उपयोग की अंतिम तिथि 21 मार्च 2020 है। उपयोग की अंतिम तिथि के बाद इस दूध का उत्पादन कैसे हो सकता है, यह शिक्षा विभाग के साथ ही शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में चर्चा का विषय बना है।
कोट
दूध उत्पादन करने वाली कंपनी से मामले में वार्ता हुई है। प्रिंटिंग की गलती बताई गई है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। इस पूरे मामले की जांच के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। - तरुण कुमार पंत, जिला शिक्षा अधिकारी, बेसिक, पिथौरागढ़
मामला संज्ञान में आया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मामले में वार्ता हुई है। फिलहाल दिवाली पर्व पर विद्यालयों में अवकाश है। विद्यालय खुलते ही दूध के सैंपल लेकर इसकी जांच कराई जाएगी। फिलहाल दूध को विद्यार्थियों को न देने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. आरके शर्मा, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग, पिथौरागढ़