पिथौरागढ़। 90 के दशक से नैनीसैनी हवाई पट्टी से नियमित उड़ान का सपना स्थानीय लोग ही नहीं देश के विभिन्न शहरों और विदेश में रह रहे प्रवासी भी बेसब्री से देख रहे हैं। प्रवासी भारतीयों का कहना है कि यदि विमान सेवा शुरू होती तो वे हर साल अपने शहर अपने घर जरूर आते।
जिले के कई लोग देश के विभिन्न शहरों के साथ ही आस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा, साउथ अफ्रीका आदि देशों में रहते हैं। वे अक्सर पिथौरागढ़ आने की चाह तो रखते हैं लेकिन यातायात के उचित साधन नहीं होने के कारण अपने मूल गांव तक नहीं आ पाते हैं। प्रवासी दिल्ली, देहरादून और हल्द्वानी में अपने करीबियों और रिश्तेदारों के वहां रहकर वहीं से लौट जाते हैं।
वर्ष 2019 में हेरिटेज एविएशन के विमान संचालन के बाद कई प्रवासी पिथौरागढ़ आए थे लेकिन वर्ष 2020 में रन-वे पर विमान फिसल जाने के बाद सेवा बंद हो गई। इससे लोग निराश हैं। अब नए साल में लोगों को विमान सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
18 से 19 घंटे लगते हैं पहुंचने में
पिथौरागढ़। रोडवेज बस से यात्रियों को दिल्ली से पिथौरागढ़ तक आने में 18 से 19 घंटे लगते हैं। वर्तमान समय में टैक्सी संचालन शुरू होने से लोग करीब नॉन स्टॉप 12 घंटे का सफर कर एक दिन में दिल्ली, देहरादून से पिथौरागढ़ पहुंच रहे हैं लेकिन यह सफर बहुत थकावट भरा होता है। दिल्ली और देहरादून से आने वाले लोग हल्द्वानी में होटल या अपने रिश्तेदारों के वहां ठहरते हैं। फिर अगले दिन पिथौरागढ़ के लिए रवाना होते हैं। देश और विदेश में निवास कर रहे कई लोगों के लिए पिथौरागढ़ आना एक सपना रह जाता है कि वे पूरे परिवार के साथ नहीं आ पाते हैं।
नैनीसैनी हवाई पट्टी से विमान सेवा शुरू होती तो पूणे से पिथौरागढ़ आना बेहद आसान हो जाता। बच्चों के साथ टैक्सी में लंबा सफर करना आसान नहीं होता है। - शिप्रा, पुणे।
लंबे समय से पिथौरागढ़ नहीं आ पाई हूं। अगर नैनीसैनी हवाई पट्टी से विमान सेवा शुरू होती है तो पिथौरागढ़ तक पहुंच आसान हो जाएगा। - भावना, ऑस्ट्रेलिया।