पिथौरागढ़। मानसिक रोगियों को दिव्यांग प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए अब बाहर के अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने होंगे। एम्स के मनोरोग विशेषज्ञ पिथौरागढ़ पहुंचकर मानसिक रोगियों की जांच कर उन्हें स्थानीय स्तर पर दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी करेंगे।
दरअसल, सीमांत जिले में मानसिक रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ऐसे में मानसिक रोगियों को इलाज और दिव्यांग प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए जिले के बाहर अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अब इस समस्या का स्थानीय स्तर पर समाधान होगा। स्वास्थ्य विभाग स्थानीय स्तर पर मानसिक रोगियों की जांच, इलाज करने के साथ दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी करने के लिए 18 फरवरी को नर्सिंग कॉलेज में शिविर लगाएगा। सीएमओ डॉ. एसएस नबियाल ने बताया कि एम्स के डॉक्टर शिविर में पहुंचकर मानसिक रोगियों की जांच कर इन्हें दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी करेंगे।
साथ लाना होगा आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक दिव्यांग प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए मानसिक रोगियों को आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और पूर्व में कराए गए चिकित्सकीय परीक्षणों की रिपोर्ट साथ लानी होगी।