धारचूला में बंद पड़ी मीट की दुकानें
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नगरपालिका के आदेश पर धारचूला नगर में शुक्रवार को मीट की दुकानें पूरी तरह बंद रही। यहां रोजाना चार क्विंटल मांस की बिक्री होती है। शादी विवाह एवं अन्य अवसरों पर मीट की डिमांड और बढ़ जाती है। होटल स्वामियों ने शुक्रवार को नेपाल से मीट मंगाकर काम चलाया। नेपाल की दार्चुला बाजार में अचानक मीट की मांग बढ़ गई है। बताया गया कि अकेले मों-मों की दुकानों में ही करीब 80 किलो रोजाना मीट खप जाता है।
पशु चिकित्सकों ने बृहस्पतिवार को यह ऐलान कर दिया था कि मीट की दुकानों का लाइसेंस नवीनीकरण न होने के कारण वह काटे जाने वाले बकरियों का मेडिकल नहीं करेंगे। बिना मेडिकल के बकरी को काटना गैरकानूनी है। नगरपालिका ने सभी मीट व्यापारियों को नोटिस जारी कर शुक्रवार से दुकानें बंद करने का आदेश जारी कर दिया था। नगर में मीट की 17 दुकानें हैं। शुक्रवार को सभी दुकानों पर ताला लटका रहा। इधर, मीट व्यापारी लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया में जुटे हैं। नवीनीकरण का काम खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट के बाद ही संभव होगा। अभी यह तय नहीं है कि इसमें कितना समय लगेगा। दुकानें बंद होने से मीट व्यापारियों के सामने गंभीर संकट पैदा हो गया है।
पशु चिकित्साधिकारी डा. केके जोशी और फार्मेसिस्ट महेंद्र सिंह का कहना है कि जब तक वैध लाइसेंस मीट व्यापारियों के पास नहीं होंगे, तब तक बकरियों का मेडिकल नहीं किया जाएगा। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी श्रीकांत ने बताया कि लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही समाधान निकल जाएगा।