बेड़ीनाग के पुंकेश्वर महादेव मंदिर मार्ग पर शराब की दुकान खोलने के विरोध में बोराखेत और चनकाना की महिलाओं ने बेड़ीनाग बाजार में दरांती, लाठी और बिच्छू घास हाथों पर लेकर उग्र प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष चारू पंत ने कहा कि शराब की दुकान काली विनायक मार्ग पर भी खोलने की कोशिश की जा रही है। इसका क्षेत्रवासी पूर्ण विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि विरोध के बावजूद जबरन शराब की दुकान खोली गई तो महिलाएं सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होंगी।
महिला संगठन की उपाध्यक्ष उमा पंचपाल ने कहा कि आबकारी विभाग और जिला प्रशासन को जन भावनाओं को ध्यान रखते हुए शराब की दुकान नहीं खोलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में शराब की दुकान नहीं खोलने दी जाएगी। इसके बाद महिलाओं ने एसडीएम विवेक प्रकाश को ज्ञापन देकर शराब की दुकान न खोलने की मांग की। एसडीएम ने कहा कि जिन स्थानों पर शराब की दुकानों का जनता विरोध कर रही है। उन स्थानों पर शराब की दुकान नहीं खोली जाएगी। हाइवे से शराब की सारी दुकानें हटा दी गई हैं।
शराब की दुकान खुली तो महिलाएं आत्मदाह करेंगी
नाचनी (पिथौरागढ़)। क्वीटी में शराबबंदी की मांग को लेकर महिला मंगल दल ने आंदोलन की चेतावनी दी है। महिलाओं का कहना है कि यदि क्वीटी में शराब की दुकान खोली गई तो महिलाएं आत्मदाह के लिए मजबूर होंगी।
सामुदायिक भवन क्वीटी में आयोजित तल्लाजोहार की सभी महिला प्रतिनिधियों की बैठक में महिलाओं ने क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने पर आंदोलन का मन बनाया। कहा कि शराब से उत्तराखंड के सभी नौजवानों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। तल्ला जोहार के युवा मेहनत मजदूरी कर परिवार का लालन-पालन करते हैं। शराब की लत के कारण पुरुष नशे में धुत होकर घर आते हैं। इससे घर में अशांति का माहौल बढ़ने लगा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। महिला दलों ने कहा कि यदि क्वीटी में शराब की दुकान खोली गई तो महिलाएं आत्मदाह करेंगी। बैठक में विमला देवी, बल्पा, आनूली, सरुली, कमला देवी आदि महिलाएं मौजूद थीं। बाद में महिलाओं ने प्रदर्शन भी किया।
थल में महिलाएं देर रात तक दे रही धरना
थल (पिथौरागढ़)। पुराना बाजार में शराब की दुकान खोलने का विरोध तेज होने लगा है। पुराना बाजार मार्ग पर महिलाएं शाम 7 से रात 2 बजे तक धरना दे रही हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य सुंदरी वर्मा के नेतृत्व दर्जनों महिलाएं शाम होते ही हाथों पर लाठी-डंडे लेकर रात भर पहरा दे रहीं है। महिलाओं का कहना है कि प्रशासन को शराब की दुकान खोलने के बजाए शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल में सुधार करना चाहिए। शराब की दुकान खोलकर क्षेत्र में अशांति का माहौल बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ता कमला वर्मा और बसंती देवी का कहना है कि शराब की दुकान खोलने से यहां के युवाओं पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। पुराना बाजार निवासी दीपा देवी और राखी देवी कहती है कि यदि आबकारी विभाग जबरन शराब की दुकान खोलने की कोशिश करता है तो क्षेत्र की सभी महिलाएं उग्र आंदोलन के लिए तैयार हैं। धरने पर हीरा देवी, शीला देवी, कमला देवी, रुक्मिणी देवी, जानकी देवी, रेखा टम्टा, जीवंती बाफिला आदि महिलाएं शामिल थीं।