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ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ बंद रहे मेडिकल स्टोर

Fri, 28 Sep 2018 10:38 PM IST
ब्यूरो् /अमर उजाला, पिथौरागढ़।
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पिथौरागढ़ में प्रदर्शन करते दवा व्यवसायी। - फोटो : अमर उजाला
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ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ दवा व्यवसायियों ने मेडिकल स्टोर बंद रखे। केमिस्टों ने प्रदर्शन करने के बाद जिला प्रशासन के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। पिथौरागढ़ जिले भर में मेडिकल स्टोर बंद रहने से मरीजों को दवाइयां नहीं मिली। वहीं चंपावत में बृहस्पतिवार रात से दवा दुकानें बंद रखकर विरोध जताया। हालांकि चंपावत और लोहाघाट के जेनरिक औषधि केंद्र खुले रहने से लोगों को राहत मिली। पिथौरागढ़ में 50 लाख का और चंपावत में तीन लाख का कारोबार प्रभावित हुआ।
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पूर्व चेतावनी के अनुसार शुक्रवार को पिथौरागढ़ और चंपावत जिले के सभी दवा व्यवसायियों ने अपने मेडिकल स्टोर बंद रखे। सुबह 10 बजे सभी दवा व्यापारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस अवसर पर केमिस्टों ने कहा कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री कानून का उल्लंघन है। इस तरह की बिक्री होने से प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री होने का खतरा बढ़ेगा। यह मानव स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होगा। सभी केमिस्टों ने सरकार से इस सेवा पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई। प्रदर्शन करने वालों में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र बिष्ट, महामंत्री राजेंद्र प्रसाद पंत, उपाध्यक्ष भूपेश पंत, जनक जोशी, मनोज चौहान, दीपक चंद, विजय राठौर, ललित मोहन पाटनी, ललित तिवारी, ललित जोशी, वीरेंद्र सिंह, केके पंत, प्रकाश उप्रेती, राजेश धौनी, डीडी अवस्थी, गोपेश पांडे, उमेश पाटनी, महेश पंत आदि शामिल थे। दवाइयों की दुकानों के बंद होने से मरीजों को दवाइयां नहीं मिली। इससे आपातकाल में लोगों को दवा के लिए परेशान होना पड़ा। मुनस्यारी में भी सभी दवा विक्रेताओं ने अपने मेडिकल स्टोर बंद रखे। बाद में एक ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा। बेड़ीनाग में भी सभी मेडिकल की दुकानें बंद रही।  
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