मदकोट-चुलकोट रोड बंद होने से पैदल आवाजाही करते लोग
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मदकोट-रिंगू-चुलकोट मार्ग सात माह बाद भी यातायात के लिए नहीं खुला है। इस कारण दो ग्राम पंचायतों के 2700 की जनसंख्या पैदल चलने को मजबूर है। भाजपा ने इस क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ बैठक करने के बाद 30 नवंबर तक मोटर मार्ग नहीं खोलने पर तीन दिसंबर को मदकोट में जुलूस-प्रदर्शन का एलान किया।
भाजपा के पूर्व विधानसभा प्रभारी जगत मर्तोलिया ने शनिवार को जिलाधिकारी को इस आशय का पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि मोटर मार्ग के सात माह से बंद होने के कारण ग्राम पंचायत रिंगू, चुलकोट, सेलथिंग, ओखली, शाना सहित कई गांवों के ग्रामीण इससे प्रभावित हैं। मदकोट से तीन सौ रुपया प्रति क्विंटल भाड़ा देकर आटा-चावल गांव में पहुंच रहा है। वृद्ध, महिलाएं एवं बच्चों के अलावा बीमार लोगों को लाने, ले जाने में बेहद परेशानी हो रही है। इस संदर्भ में कई बार प्रशासन, क्षेत्रीय विधायक, जनप्रतिनिधि एवं लोक निर्माण विभाग को सूचित किया जा चुका है।
उसके बावजूद मोटर मार्ग को खोलने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। आठ किमी के इस मोटर मार्ग में मात्र दो किमी तक ही वाहन चल रहे हैं। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि लोनिवि कुछ कांग्रेसी ठेकेदारों के नियमविरुद्ध निविदा एवं अनुबंध बनाने में व्यस्त है। इस विभाग को आम जनता की तकलीफ से कोई वास्ता नहीं है।