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Adi Kailash Yatra 2023: मौसम की बेरुखी से आसान नहीं यात्रियों की राह, जगह-जगह खिसक रहे ग्लेशियर

Thu, 11 May 2023 04:19 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़

सार

पूर्व में यह यात्रा भी कैलाश मानसरोवर के साथ ही एक जून से शुरू होती थी। तब तक उच्च हिमालय के अधिकतर क्षेत्रों में भी बर्फ पिघल जाती थी।
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ग्लेशियर - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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सीमांत जिले पिथौरागढ़ में लगातार खराब हो रहे मौसम के चलते अभी आदि कैलाश यात्रियों की राह आसान नजर नहीं आ रही है। उच्च हिमालयी क्षेत्र कुटी से ज्योलिंकांग (14000 फुट) के बीच सड़क पर ग्लेशियर आए हैं। इन्हें अब तक बीआरओ हटा नहीं पाया है। यदि मौसम साफ भी रहा तो बर्फ को पिघलने में ही एक सप्ताह का समय लग सकता है।

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कुमाऊं मंडल विकास निगम की ओर से इस वर्ष चार मई से आदि कैलाश यात्रा शुरू की गई है। पूर्व में यह यात्रा भी कैलाश मानसरोवर के साथ ही एक जून से शुरू होती थी। तब तक उच्च हिमालय के अधिकतर क्षेत्रों में भी बर्फ पिघल जाती थी। इस वर्ष जनवरी-फरवरी में सीमांत जिले में मौसम साफ रहा और बारिश नहीं हुई। अब बेमौसमी बारिश और बर्फबारी के चलते उच्च हिमालयी क्षेत्रों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पहले दल के 19 यात्रियों को बगैर आदि कैलाश पर्वत के दर्शन किए मायूस होकर लौटना पड़ा। अब दूसरे दल के 12 यात्रियों के सामने भी रास्ते का संकट बरकरार है। सूत्रों के अनुसार कुटी से ज्योलिंकांग के बीच 14 किमी की दूरी पर कई जगह ग्लेशियर आए हैं। इन्हें हटाकर रास्ता खोलने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।
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150 से अधिक यात्रियों को है रास्ता खुलने का इंतजार
पिथौरागढ़। केएमवीएन के अलावा निजी टूर ऑपरेटर भी आदि कैलाश की यात्रा करा रहे हैं। आदि कैलाश यात्रा मार्ग बंद होने से करीब 150 यात्री बूंदी, गुंजी आदि स्थानों पर रुके हैं। केएमवीएन नैनीताल में प्रबंधक ललित मोहन तिवारी ने बताया कि अब तक 170 यात्रियों ने आदि कैलाश के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

यात्रियों ने कालापानी में पौधे रोपे
आदि कैलाश के पहले दल के यात्रियों ने बर्फबारी के बीच उच्च हिमालयी क्षेत्र कालापानी (12 हजार फुट) मंदिर परिसर में पौधे रोपे। पर्यटक आवास गृह पिथौरागढ़ के प्रबंधक दिनेश गुुरुरानी ने यात्रियों को हिमालय बचाओ अभियान के तहत पांच पौधे भेंट किए थे। यात्री अपने साथ उच्च हिमालयी क्षेत्र से कूड़ा भी एकत्र कर लाए।

सामंजस्य बनाकर शीघ्र खोलनी चाहिए सड़क
उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों में जाने वाले ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन और बीआरओ को आपसी सामंजस्य बनाकर शीघ्र सड़क खोलने का प्रयास करना चाहिए जिससे आदि कैलाश पर्वत, पार्वती कुंड देखने जाने वाले पर्यटक और चीन सीमा की सुरक्षा में लगे जवानों को राहत मिल सके।

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