रामलीला में लोगों को हंसा रहा कुसिया जोकर
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थल की रामलीला में कई दर्शक तो सिर्फ कुसिया जोकर के हंसाने वाले डायलॉग ही सुनने आते हैं। कुंदन राम उर्फ कुसिया जोकर रामलीला का अभिन्न अंग हो गए हैं। 60 वर्षीय कुसिया जोकर ने बताया कि जब उनकी उम्र 18 वर्ष की थी, तब से रामलीलाओं में जोकरिंग कर रहे हैं। उनके सामयिक विषयों पर चुटीले संवाद लोगों को न केवल गुदगुदाते हैं वरन लोग उनका मंच पर आने का इंतजार भी करते हैं।
कुसिया जोकर ताड़का का पाठ भी खेलते हैं। वह कहते हैं कि लोगों को हंसाना बड़ी कला है। आज के दौर में किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना बड़ी कला है। वह कुमाऊंनी और हिंदी में विभिन्न प्रकार के जोक्स सुनाते हैं। कुसिया जोकर की इतनी मांग है कि अब लोग उनको डीडीहाट, दूनाकोट, चौबाटी, क्वीटी, सानदेव, दशौली, पांखू, बेड़ीनाग, मुवानी में होने वाली रामलीलाओं में भी बुलाते हैं। कुसिया ने बताया कि उन्होंने शिरोमणि जोकर से ही यह हास्य कला सीखी। 70 के दशक में शिरोमणि जोकर का बड़ा नाम था। कुसिया ने कहा कि वह भविष्य में भी रामलीलाओं में जोकरिंग करते रहेंगे। परिवार के लोगों का उनको हमेशा सहयोग मिलता है।