बर्फबारी के चलते कनालीछीना के समीप फंसे वाहन।
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जिला मुख्यालय में हुए भारी हिमपात से निजी विद्यालयों के वाहन जहां तहां फंस गए। इससे अभिभावक खासे चिंतित रहे। कई अभिभावक अमर उजाला कार्यालय में फोन कर सड़कों की स्थिति के बारे में जानकारी लेते रहे। चंडाक रोड पर कई वाहन बर्फ में फंसे रहे।
बुधवार को दोपहर दो बजे बाद बर्फबारी शुरू हो गई। इसी समय अधिकांश निजी स्कूलों की छुट्टी होती है। बर्फबारी के चलते स्कूलों के वाहन सड़कों पर जहां-तहां फंस गए।
चंडाक, मोस्टामानू, नाकोट, जाजरदेवल, बीसाबजेड़, नैनीपातल, बिषाड़, जाख से आनेजाने वाले छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। चंडाक से आगे मोस्टामानू रोड पर अधिकांश स्कूली वाहन फंसे रहे। एक स्कूल वैन रपटने से बाल-बाल बच गई। चंडाक, बांस जजुराली, मड़मानले से अभिभावकों ने आपदा प्रबंधन कार्यालय में भी फोन कर बसें फंसे होने की जानकारी दी। चंडाक रोड पर एक पेड़ गिरने से भी यातायात बाधित रहा। बाद में लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी से बर्फ हटाई इसके बाद वाहनों का आवागमन सुचारु हुआ।
कनालीछीना में फंसे सैकड़ों वाहन
पिथौरागढ़। भारी बर्फबारी के चलते कनालीछीना में ओगला, डीडीहाट, धारचूला, भागीचौरा आदि जगहों को आने-जाने वाले करीब सौ से अधिक वाहन फंस गए। नैनीपातल से कनालीछीना तक पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से लकदक हो गया। सड़क पर भारी बर्फ जमा होने से वाहनों के रपटने का खतरा बना रहा। अधिकांश वाहन बिजली घर के पास रुक कर सड़क खुलने का इंतजार करते रहे।