फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काल बना करंट: दूसरों की दुनिया रोशन करने निकला मनोज अपने घर में छोड़ गया अंधेरा, बिटिया के नामकरण से पहले मौत

Wed, 16 Sep 2026 12:43 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़

सार

दूसरों के घरों में रोशनी करने निकले लाइनमैन मनोज राम (36) अपने ही घर में अंधेरा छोड़ गए। आंवलाघाट पंपिंग योजना की बिजली लाइन में खराबी ठीक करने के दौरान 11 केवी खंभे पर चढ़े मनोज करंट की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। 
विज्ञापन
करंट लगने से मौत। - फोटो : संवाद।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 

दूसरों के घरों में रोशनी और लोगों की परेशानी दूर करने निकला मनोज राम अपने ही घर में अंधेरा छोड़ गया। आंवलाघाट पंपिंग योजना की बिजली लाइन में खराबी ठीक करने 11 केवी के खंभे पर चढ़े लाइनमैन मनोज राम (36) की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे ने उस परिवार की खुशियां छीन लीं, जहां मंगलवार को मनोज की 11 दिन की बेटी का नामकरण होना था।

आंवलाघाट पंपिंग योजना में बिजली की खराबी के कारण पिछले दो दिनों से आधे नगर में जलापूर्ति ठप है। इससे 40 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित है। इसी खराबी को दूर करने के लिए मंगलवार सुबह मनोज को 11 केवी लाइन पर भेजा गया था। जजराली क्षेत्र के बक्सिल निवासी मनोज राम पुत्र स्व. नारायण राम आंवलाघाट पंपिंग योजना में तकनीशियन के रूप में रात्रि ड्यूटी करता था। दिन में वह यूपीसीएल के ठेकेदार के अधीन लाइन सुधार का काम करता था। मंगलवार सुबह पंपिंग योजना की बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए वह लाइन सुधारने पहुंचा था। परिजनों का कहना है कि शटडाउन देने की बात कहने के बाद मनोज को खंभे पर चढ़ाया गया। वह लाइन की खराबी ठीक कर ही रहा था कि अचानक करंट दौड़ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

जांच कमेटी गठित, शटडाउन पर उठे सवाल

विज्ञापन

हादसे के बाद यूपीसीएल ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। करंट लगने से मनोज की मौत होना स्पष्ट है, लेकिन शटडाउन के बावजूद 11 केवी लाइन में करंट कैसे आया, शटडाउन किसने लिया और किस प्रक्रिया के तहत लिया गया, इन सवालों के जवाब जांच में तलाशे जाएंगे। ग्रामीणों ने यूपीसीएल अधिकारियों की कमेटी से जांच कराने पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

नामकरण की खुशियों से पहले घर पहुंची मौत की खबर
मनोज तीन बेटियों का पिता था। उसकी तीसरी बेटी का जन्म महज 11 दिन पहले हुआ था। मंगलवार को ही उसका नामकरण होना था। रात्रि ड्यूटी पूरी करने के बाद मनोज घर जाने की तैयारी में था, लेकिन इससे पहले उसे पंपिंग योजना की लाइन की खराबी दूर करने भेज दिया गया। वह दूसरों की जलापूर्ति बहाल करने के लिए निकला था लेकिन खंभे पर हुआ हादसा उसके परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन ले गया। नवजात बेटी ने पिता को ठीक से देखा तक नहीं था और वह हमेशा के लिए उससे दूर हो गया। पत्नी और दोनों बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में भी शोक की लहर है।

हंगामे के बीच परिजनों के शव लेने से मना करने पर उसे मोर्चरी में रखा है। अब आगे उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के साथ वार्ता कर उचित निर्णय लिया जाएगा। -गोविंद बल्लभ जोशी, सीओ

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें