केरल में बाढ़ में फंसे बच्चे को कंधे में रखकर सुरक्षित स्थान को ले जाते मेजर राजेश
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केरल में बाढ़ प्रभावितों की सहायता करने में पिथौरागढ़ के मेजर राजेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय सेना के 120 रेजीमेंट कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग पुणे में तैनात मेजर राजेश उप्रेती एवं उनके साथी मेजर रविशंकर के नेतृत्व में बाढ़ क्षेत्र में गई टीम ने पांच हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
केरल के पथानममित्ता जिले की कमान संभाले मेजर राजेश उप्रेती ने फोन पर बताया कि 15 अगस्त की रात को लोहागांव एयरपोर्ट से केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए रवाना हुए। बाढ़ प्रभावित पथानममित्ता और एर्नाकुलम जिले पहुंचे। वहां पर हालात बदतर थे। लगभग 10 से 15 फुट तक पूरे इलाके में पानी भरा था। तैरकर या नाव से ही प्रभावितों तक पहुंचा जा सकता था। पूरा इलाका पानी से भरा था। पानी में तैरते सांप नजर आ रहे थे। ऐसे में उन्होंने स्वयं अपनी टीम के साथ तैर कर प्रभावितों तक राहत सामग्री पहुंचाई।
लगभग पांच हजार बुजुर्ग, बच्चे और महिलाओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। बाढ़ पीड़ितों की जान बचाने वाले मेजर राजेश उप्रेती ने जहां भारतीय सेना का मान बढ़ाया है, वहीं सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के लोगों में भी खुशी है। मेजर राजेश ने साबित कर दिया कि देशसेवा में उत्तराखंड के जवानों का अहम योगदान है।