मदकोट में भूस्खलन के कारण खतरे से घिरा मकान
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क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा फिर से बढ़ने लगा है। मुख्य बाजार में हुए भूस्खलन से चार मकान खतरे की जद में आ गए। खतरे को देखते हुए इन परिवारों ने बुधवार सुबह खुद ही मकान खाली कर दिए।
बताया गया कि 2013 की आपदा के समय भी यह मकान खतरे में आ गए थे। तब इनको प्रशासन ने खाली कराया था, लेकिन लंबे समय तक पीड़ित परिवारों का पुनर्वास न होने और नया मकान न बनने के कारण यह लोग फिर से इन खतरनाक मकानों में रहने आ गए थे। बुधवार सुबह हुई भारी बारिश के समय देव सिंह पंवार, नैन सिंह रावत, गोपाल सिंह रावत और मोहन सिंह रावत के मकानों को फिर से खतरा हो गया है। इन मकानों के पास की जमीन खिसक रही है। मकानों के ठीक नीचे गोरी नदी बहती है। चारों परिवारों ने दूसरे के मकानों में शरण ले रखी है।
बावजूद इसके प्रशासन का कोई भी अधिकारी इस समस्या को देखने के लिए नहीं पहुंचा। मदकोट का पूरा इलाका भूकटाव की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। लोग बारिश का मौसम आते ही भयभीत हो जाते हैं। प्रशासन ने अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला है। एसडीएम आरके पांडे ने कहा कि खतरे की जद में आए परिवार शिफ्ट हो गए हैं। भू-कटाव रोकने के लिए जल्दी उपाय किए जाएंगे।