ग्राम पंचायतों के वार्ड मेंबरों ने पहली बार अपना संगठन बना लिया है। वार्ड सदस्यों ने मानदेय देने, विकास में भूमिका तय करने के लिए आंदोलन चलाने का ऐलान किया है। अब राज्य के हर ब्लाक में इस तरह के संगठन बनाए जाएंगे।
वार्ड मेंबरों का कहना है कि त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में वार्ड सदस्यों की भूमिका अहम होती है लेकिन निर्वाचन के बाद उनको पूछा तक नहीं जाता।
ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास के कामों में उनकी कोई राय नहीं ली जाती। इस कारण वार्ड सदस्य सिर्फ पद के साथ पांच साल काट देते हैं। बैठक में संगठन का गठन करते हुए हंसा देवी को अध्यक्ष, नारायण सिंह धामी को मंत्री, हीरा सिंह कुंवर को उपाध्यक्ष, तारा देवी को कोषाध्यक्ष, जीवन गड़िया को उपमंत्री बनाया गया। अगले चरण में जिले के अन्य विकास खंडों में भी इसी तरह का संगठन बनाने के लिए संपर्क अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में पवन धामी, दीपा धामी, कल्याण सिंह, नारायण प्रसाद, गणेश सिंह समेत विकासखंड के कई गांवों से आए वार्ड मेंबर शामिल हुए। हर ग्राम पंचायत में वार्ड मेंबरों की संख्या सात से नौ तक होती है। पहली बार यह वार्ड मेंबर संगठित होकर एक मंच पर आए हैं।