जिले में रसोईगैस का संकट एक बार फिर से गहरा गया है। नगर क्षेत्र में पांच हजार का बैकलाग हो गया है। अब सोमवार को प्लांट से रसोईगैस का कोई भी वाहन आने वाला नहीं है। इस कारण सोमवार को किसी भी वितरण प्वाइंट में सिलेंडरों का वितरण नहीं होगा। मंगलवार को भी संकट की स्थिति बनी रहने की आशंका है। रसोईगैस की स्थानीय एजेंसी पर उपभोक्ताओं का भारी दबाव है, लेकिन प्लांट से नियमित सप्लाई न होने से गंभीर समस्या खड़ी होने लगी है।
गैस एजेंसी के प्रबंधक डीके जोशी ने बताया कि गैस वितरण में पिछले एक महीने से लगातार व्यवधान आ रहा है। जरूरत के मुताबिक गाड़ियां न मिलने के कारण समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है। उन्होंने कहा कि बैकलाग लगातार बढ़ रहा है। अकेले जिला मुख्यालय में रोजाना 700 से 800 सिलेंडरों की खपत होती है लेकिन इतनी पूर्ति संभव नहीं हो पा रही है। सोमवार को रसोईगैस की कोई भी गाड़ी न आने की सूचना मिली है। इस कारण लाशघर रोड, पूल्ड आवास, लिंक रोड में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार सिलेंडरों का वितरण नहीं हो पाएगा।
जाड़ों में बढ़ती है 25 फीसदी खपत
जाड़ों में रसोईगैस की खपत 25 फीसदी तक बढ़ जाती है। इस कारण भी दबाव बढ़ा है। गैस एजेंसी के प्रबंधक ने बताया कि जाड़ों में सप्लाई अधिक होनी चाहिए थी लेकिन अचानक सप्लाई पर असर पड़ा है। इस कारण एजेंसी को दोहरा दबाव झेलना पड़ रहा है।
ग्रामीण अंचलों की स्थिति ज्यादा खराब
जिले के गौरीहाट, झूलाघाट, बुंगाछीना, देवलथल समेत अन्य इलाकों में दो माह से रसोईगैस का वितरण नहीं हो पाया है। लोगों की चिंता सिर्फ ईंधन की व्यवस्था करने की रह गई है। जिला मुख्यालय की एजेंसी का यह हाल है तो अन्य के बारे में सोचना गलत है।