नगर के मध्य में स्थित लंदन फोर्ट सीसीटीवी की निगहबानी में रहेगा। शीघ्र ही फोर्ट को पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। केएमवीएन ने इसके लिए तैयारी कर दी है।
गोरखा शासनकाल में सुरक्षा की दृष्टि से पिथौरागढ़ में किला बनाया गया। बाद में अंग्रेजी शासनकाल में इसे लंदन फोर्ट का नाम दिया गया। वर्तमान में यह इसी नाम से प्रचलित है। कुछ समय पहले तक यहां तहसील कार्यालय था। बाद में तहसील कार्यालय हटाकर 4.5 करोड़ की लागत से फोर्ट का सौंदर्यीकरण किया गया है। इसके संचालन की जिम्मेदारी केएमवीएन को सौंपी गई है। फोर्ट में म्यूजियम, आर्ट गैलरी, हस्तशिल्प प्रदर्शनी के साथ ही रेस्टोरेंट के लिए बड़ा हाल बनाया गया है।
फोर्ट तक पहुंचने वाली गैलरी में दो स्थानों पर सूचना पट लगाकर इसके निर्माण और इतिहास की जानकारी दी गई है। अभी फोर्ट को पर्यटकों के लिए खोला नहीं गया है, इससे अराजक तत्व इसे नुकसान पहुंचा रहे हैं। पिछले दिनों निगम के आवास गृह प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने एसपी आरसी राजगुरु से तोड़फोड़ करने की शिकायत की थी। अब केएमवीएन सुरक्षा के लिए फोर्ट के अंदर और बाहर आधा दर्जन सीसीटीवी लगा रहा है। गुरुरानी ने बताया कि एक-दो दिन में कैमरे लग जाएंगे। निगम के जीएम टीएस मर्तोलिया ने बताया कि फोर्ट को शीघ्र ही पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।