कनालीछीना के टुंडी गांव में ग्रामीणों के साथ संवाद करते सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल एवं अ
पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री के पैतृक गांव टुंडी का बुधवार को सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल ने भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के साथ संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
सचिव गर्ब्याल ने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बारमो–टुंडी क्लस्टर के समन्वित विकास के लिए विभागीय अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित करते हुए क्षेत्र में आजीविका आधारित गतिविधि मत्स्य, बकरी एवं गौ पालन, ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, फार्म मशीनरी बैंक स्थापना को व्यापक रूप से बढ़ावा देने पर जोर दिया।
उन्होंने टुंडी गधेरे पर चेक डैम निर्माण कर सोलर पंपिंग के माध्यम से सिंचाई सुविधा के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। कहा कि इससे गांव में सब्जी उत्पादन एवं मत्स्य पालन को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही क्षेत्र में पेयजल सुविधा में सुधार के लिए नई कार्य योजना बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि बकरी, मत्स्य पालन, डेयरी को प्रमुखता से कार्य योजना में सम्मिलित किया जाए। सिलाई मशीन प्रशिक्षण एवं मौन पालन के तहत ग्रामीणों की मांग को देखते हुए वृहद कार्य योजना तैयार की जाए।
उन्होंने कीवी प्लांटेशन, ड्रैगन फ्रूट जैसी नकदी फसल को क्लस्टर एप्रोच पर लागू करने के लिए ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश भी दिए। सचिव ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को सचल चिकित्सा दल का रोस्टर तैयार करते हुए गांवों में लगातार भ्रमण के निर्देश दिए। उन्होंने बारमो, मुनाबे, गौछ नयाबाद, अखुली, लछेर, कुनकटिया, धुर्चू आदि गांवों में क्लस्टर आधारित वृहद कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। भ्रमण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।