पिथौरागढ़। चुन्नी से पत्नी की गला घोटकर हत्या करने के दोषी को जिला सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने आजीवन कारावास और 70,000 अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को पांच वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के झूणी मलान निवासी ट्रक चालक हरीश सिंह अपनी पत्नी सुनीता और दो बच्चों के साथ सरस्वती विहार काॅलोनी में किराये के मकान पर रहता था। वह शराब पीने और जुआ खेलने के लिए अपनी पत्नी से रुपये मांगता था और रुपये नहीं मिलने पर पत्नी के साथ गालीगलौज और मारपीट करता था। 24 अक्तूबर 2019 की रात को उसने किचन में चुन्नी से गला घोटकर पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद पत्नी के शव को कुछ दूर स्थित गली में फेंक दिया। इस मामले में पिथौरागढ़ थाने में आरोपी हरीश सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 201 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
इस मामले में सुनवाई करते हुए जिला सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने अभियुक्त हरीश सिंह को आईपीसी की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 50,000 रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर पांच वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। धारा 201 के तहत सात वर्ष का कठोर कारावास और 20,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषसिद्ध की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
दोषी को कोर्ट उठने तक की सजा
चंपावत। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आबकारी अधिनियम के अभियुक्त को दोषी साबित किया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निहारिका मित्तल गुप्ता ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त को दोष सिद्ध करते हुए कोर्ट उठने तक की सजा और पांच हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की दशा में उसे 30 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना पड़ेगा। संवाद