बेहोशी की हालत में पिंजरे में पड़ा तेंदुआ
- फोटो : अमर उजाला
जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर मूनाकोट गांव में बुधवार सुबह एक तेंदुआ खेतों के लिए की गई कंटीली घेरबाड़ में फंस गया। घटना सुबह करीब चार बजे की होगी। जैसे ही तेंदुआ कंटीली घेरबाड़ में फंसा उसने गुर्राना शुरू कर दिया। तेंदुए के गुर्राने से लोगों में दहशत फैल गई। कुछ लोग साहस कर जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि एक तेंदुआ कंटीले घेरबाड़ में फंसा है। वह छटपटाता रहा, लेकिन घेरबाड़ से नहीं निकल पाया। तेंदुए के पिछले पैर बुरी तरह इन कंटीले तारों से उलझ गए थे। बताया गया कि जंगली सुअरों से फसलों को बचाने के लिए लोग इस तरह की घेरबाड़ करते हैं।
तेंदुए के फंसने की जानकारी ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को दी। वन विभाग के एसडीओ एके श्रीवास्तव, वन रेंजर दिनेश चंद्र जोशी पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तेंदुए को बेहोश करने के लिए ट्रेंकुलाइजर का इस्तेमाल किया गया। बाद में उसे पिंजरे में डालकर जिला मुख्यालय लाया गया है। वन रेंजर ने बताया कि तेंदुआ मादा है और उसकी उम्र करीब साढ़े चार साल की होगी। तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ है।
उसे बाद में जंगल में छोड़ दिया जाएगा। तेंदुआ पकड़ते समय फॉरेस्टर जगदीश बिष्ट, हेमचंद्र जोशी, केशव दत्त जोशी, कैलाश आदि थे। ट्रेंकुलाइजर लगने से तेंदुआ फिलहाल बेहोशी की हालत में है। मूनाकोट में तेंदुए को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ गई। बताया गया कि अक्सर इस इलाके में तेंदुए नजर आते रहते हैं।