पिथौरागढ़। कनालीछीना विकासंखड में बंजर भूमि को फिर से आबाद करने किसानों को सशक्त बनाने की पहल शुरू हुई है। विकासखंड के चौपाता, पाली और न्वाली में 27 हेक्टेयर बंजर भूमि पर नींबू के बाग लहलहाएंगे। नींबू का उत्पादन कर किसान अपनी आजीविका दोगुनी कर सकेंगे। यह संभव होगा उद्यान विभाग के सहयोग से जायका परियोजना के तहत।
कनालीछीना के चौपाता, पाली, न्वाली में जायका परियोजना के तहत नींबू के बाग स्थापित करने के लिए उद्यान विभाग किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान पर पौध उपलब्ध कराएगा। उन्नत किस्म के यह पौधे सिर्फ चार साल में फल देंगे। परियोजना के तहत 120 किसानों का चयन किया गया है। इन किसानों की बंजर भूमि पर 11,000 नींबू के पौधों का रोपण होगा। उद्यान विभाग के मुताबिक, इन किसानों ने बंदरों, लंगूरों और अन्य वन्यजीवों के नुकसान से खेती करना छोड़ा है। ऐसे में इनकी भूमि बंजर रह गई है जिसमें अब वे नींबू का उत्पादन करेंगे।
वन्य जीव नींबू को नहीं पहुंचाते नुकसान
आम तौर पर बंदर, लंगूर नींबू को नुकसान नहीं पहुंचाते। इन वन्यजीवों को इसका स्वाद पसंद नहीं है और पेड़ में कांटे होने से इनका फलों तक पहुंचना भी असंभव होता है। ऐसे में बंजर भूमि पर नींबू का उत्पादन किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है।
..............
कनालीछीना में नींबू के पौधों के रोपण का कार्य 70 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है। मानसून सीजन में ही सभी पौधों का रोपण किया जाना है। यह योजना किसानों के रोजगार का बेहतर जरिया ब नेगी। -
अभिनव कुमार, मुख्य उद्यान अधिकारी, पिथौरागढ़