पिथौरागढ़। कनालीछीना विकासखंड में बंजर पड़ी भूमि को फिर से आबाद करने और स्थानीय किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक सराहनीय पहल होने जा रही है। जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जायका) परियोजना के तहत क्षेत्र की 15 हेक्टेयर बंजर भूमि पर जल्द ही नींबू के बाग विकसित किए जाएंगे। यह योजना न सिर्फ अनुपयोगी पड़ी जमीन को नया जीवन देगी बल्कि नींबू उत्पादन के जरिए स्थानीय किसानों की आर्थिकी को भी एक नया और मजबूत आधार प्रदान करेगी।
उद्यान विभाग किसानों की सहायता से इस भूमि पर संकर नींबू के पौधों का मानसूनकाल में रोपण करेगा। पौधे पेड़ बनकर तीन से चार साल बाद फल देंगे जो किसानों के स्वरोजगार का बेहतर जरिया बनेगा। जायका परियोजना के तहत बंजर भूमि के आबाद होने के बाद नींबू उत्पादन से किसानों की आर्थिकी मजबूत होगी। वहीं इससे पलायन भी रुकेगा।
बंदरों से सुरक्षित रहेंगे नींबू
जिले में नगर से लेकर कस्बों, गांवों तक बंदरों के उत्पात से किसान परेशान हैं। बंदर खेती और बागवानी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उद्यान विभाग के मुताबिक, बंदर को नींबू को नुकसान नहीं पहुंचाते। ऐसे में कनालीछीना क्षेत्र में नींबू उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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जिस भूमि में किसानों ने खेती करना छोड़ दिया है अब उसमें उद्यान विभाग नींबू के पौधों का रोपण करेगा। किसानों को उन्नत पौध उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी तैयारी कर ली गई है।
-अभिनव कुमार, मुख्य उद्यान अधिकारी, पिथौरागढ़