जौलजीबी-टनकपुर निर्माणाधीन सड़क पर अमतड़ी और रणुवा के बीच में सोमवार शाम करीब पांच बजे उस समय भारी भूस्खलन हो गया जब पोकलेन मशीन से चट्टान को काटा जा रहा था। मलबे की चपेट में आकर पोकलेन और कंप्रेशर मशीन दब गई। सड़क निर्माण का काम करा रहे दो लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना है। मलबा गिरने से कुछ लोग घायल हुए हैं।
यह इलाका नेपाल सीमा से सटा हुआ है। पूरे इलाके में मोबाइल का नेटवर्क नहीं है। इस कारण प्रशासन को सूचनाएं मिलने में दिक्कत हो रही है।
जिला कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार भूस्खलन अमतड़ी और रणुवा के बीच हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही अस्कोट से थाना प्रभारी केसी आर्य, लोनिवि के अधिशासी अभियंता एबी कांडपाल, एसएसबी, एसडीआरएफ के जवान मौके को रवाना हो गए। बताया गया है कि पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं।
घटनास्थल से करीब 25 मीटर की दूरी पर महाकाली नदी बहती है। इस कारण राहत और बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है। मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। मलबा हटाने के लिए जौलजीबी से एक और जेसीबी भेजी गई है। देर शाम जिला प्रशासन ने घटनास्थल पर मौजूद अन्य मजदूरों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर सूचना दी कि मलबे में सड़क निर्माण का काम करा रहे ठेकेदार उमेश वल्दिया (36) और उनका मुंशी जीवन बोरा (35) दबे हुए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डा. आरएस राणा ने भी दो लोगों के दबे होने की पुष्टि की है। उनकी खोजबीन जारी है। इधर, जिला मुख्यालय से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र बोहरा के नेतृत्व में एक टीम देर शाम घटनास्थल को रवाना हुई है।