धारचूला के छलमाछिलासूं गांव में भूस्खलन की चपेट में आकर टूटा मकान
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इस तहसील के छलमाछिलासूं गांव में भूस्खलन की चपेट में आकर एक मकान ध्वस्त हो गया है और पूरा गांव खतरे की जद में आ गया है। पांच सितंबर की रात गांव के पास की पहाड़ी दरकी थी। उसके बाद से लगातार भूकटाव हो रहा है। शनिवार शाम पहाड़ी से गिरे पत्थरों और मलबे की चपेट में आकर जगत वर्मा का मकान ध्वस्त हो गया। परिवार के लोगों की सतर्कता से कोई जनहानि नहीं हुई।
ग्राम प्रधान सिंदल प्रसाद और समाजसेवी जितेंद्र वर्मा ने गांव में भूस्खलन के कारण हो रहे खतरे की जानकारी तहसील प्रशासन को दी है। एसडीएम आरके पांडे के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक और उपनिरीक्षक छलमाछिलासूं गांव को रवाना हो गए हैं। छलमाछिलासूं गांव में 80 परिवार रहते हैं। सभी लोग भारी दहशत में हैं। गांव के लोगों ने बताया कि बिना बारिश के भी पहाड़ी से पत्थर गिरते जा रहे हैं।
इससे आने-जाने में भी खतरा हो रहा है। ग्राम प्रधान ने प्रशासन से मांग की है कि ज्यादा खतरे से घिरे परिवारों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए और भूकटाव रोकने के लिए शीघ्र कदम उठाया जाए, लेकिन अब तक प्रशासन ने इन परिवारों को शिफ्ट करने की कार्रवाई नहीं की है। धारचूला क्षेत्र में अपेक्षाकृत ज्यादा बारिश होती है और भूस्खलन की दृष्टि से यहां कई गांव संवेदनशील हैं।