मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग पर दरकोट के पास सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण के काम में भूमि विवाद की बाधा खड़ी हो गई है। एसडीएम वैभव गुप्ता ने मौके का निरीक्षण करने के बाद बीआरओ, स्थानीय ग्रामीणों और लोनिवि के अधिकारियों से बात की। एसडीएम ने विवादित स्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा कि सड़क का चौड़ीकरण किया जाना जरूरी है। लोगों की जितनी नाप जमीन कटेगी उसका मुआवजा दिया जाएगा।
लोगों ने कहा कि चौड़ीकरण के समय जिन लोगों की जमीन कटी है और मकानों को खतरा हो रहा है उनको मुआवजा देने में आनाकानी की जा रही है। लोग इतना ज्यादा नुकसान झेल पाने की स्थिति में नहीं हैं। एसडीएम ने कहा कि लोगों की निजी और नाप जमीन का मुआवजा जरूर मिलेगा। बीआरओ पिछले तीन साल से इस सड़क के चौड़ीकरण का काम कर रहा है, लेकिन अब तक 50 फीसदी काम भी पूरा नहीं हुआ है। लोगों में बीआरओ की कार्यशैली को लेकर गहरी नाराजगी है। एसडीएम ने सड़क का निर्माण कार्य जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
चौड़ीकरण के कारण बिगड़ी सड़क की दशा
चौड़ीकरण के दौरान निकले मलबे की समय पर सफाई न करने से इन दिनों मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क की दशा खराब हो गई है। पिछले दिनों दरकोट के पास हुई जीप दुर्घटना के लिए भी लोगों ने खराब सड़क को जिम्मेदार माना है। मल्ला जोहार विकास समिति के लोक बहादुर सिंह ने कहा कि यदि सड़क की दशा नहीं सुधरी तो लोग आंदोलन करेंगे। उन्होंने एसडीएम से मांग की कि तत्काल सड़क किनारे का मलबा हटाने के लिए बीआरओ को निर्देश दिए जाएं।