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जिला महिला अस्पताल में स्टाफ की कमी से मरीज और अस्पताल प्रबंधन परेशान

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पिथौरागढ़। सीमांत के सबसे बड़े जिला महिला अस्पताल में तीन चिकित्सकों और तीन अन्य कर्मियों के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद अस्पताल में तैनात अन्य चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों पर काम का बोझ बढ़ गया है। बावजूद इसके अस्पताल में तैनात चिकित्सक और अन्य कर्मी सराहनीय कार्य कर रहे हैं। इस माह अस्पताल में तैनात चिकित्सक 10 कोरोना संक्रमित और आठ से अधिक महिलाओं के प्रसव करा चुके हैं।
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जिले के सबसे बड़े महिला अस्पताल में जिले के साथ-साथ चंपावत और नेपाल के रोगियों का भार अधिक है। यहां हर समय रोगियों की भारी भीड़ लगी रहती है। कुछ दिन पूर्व अस्पताल में तैनात तीन चिकित्सक और तीन अन्य कर्मी कोरोना संक्रमित हो गए। इसके बाद अस्पताल में तैनात अन्य चिकित्सकों और स्टाफ पर काम का बोझ ज्यादा बढ़ गया। कोरोना की दूसरी लहर में सीएचसी और पीएचसी प्रतिदिन बड़ी संख्या में रोगी रेफर किया जा रहा है। इससे अस्पताल कर्मियों पर काम का बोझ बढ़ गया है। अस्पताल मौजूदा समय में तैनात डॉ. प्रेमा फकलियाल, मंजुला, पूनम और आया पुष्पा तन मन धन से रोगियों के उपचार में लगे हुए हैं। कोरोना की दूसरी लहर में अभी तक 10 कोरोना संक्रमित और आठ अन्य महिलाओं के प्रसव करा चुके हैं। कर्मियों के कार्यों की लोगों ने सराहना की है।
अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग
पिथौरागढ़। जिला महिला अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने डीजी हेल्थ और सीएमओ को पत्र लिखा है। उनका कहना है कि अस्पताल में चिकित्सकों और स्टाफ की कमी से काफी दिक्कत हो रही है। उन्होंने शीघ्र अस्पताल में चिकित्सकों और अन्य कर्मियों को तैनात करने की मांग की है।(संवाद)
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इनसेट कोट-
अस्पताल में तैनात तीन चिकित्सकों और तीन अन्य स्टाफ के कोरोना संक्रमित होने के बाद कर्मचारियों पर काम का बोझ बड़ा है। रोगी भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। नये चिकित्सकों की तैनाती हो जाती तो लोगों को राहत मिलती।
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डॉ. जेएस नबियाल, सीएमएस जिला महिला अस्पताल पिथौरागढ़।
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